July 20, 2021

20.07.2021 (दरभंगा) : जल संसाधन विभाग-सह-सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, बिहार सरकार, मंत्री संजय झा एवं डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने आज एन.डी.आर.एफ. की टीम के साथ कुशेश्वरस्थान पूर्वी अंचल के संकीर्णा घाट से मुख्य अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, जल संसाधन विभाग, समस्तीपुर रामा शंकर द्वेदी एवं अधीक्षण अभियंता, बाढ़ नियंत्रण अंचल, जल संसाधन विभाग, दरभंगा प्रिय शंकर अप्पू, सहायक समाहर्त्ता अभिषेक पलासिया, कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, झंझारपुर-2 शरद कुमार, अनुमण्डल पदाधिकारी, बिरौल एवं जिला आपदा प्रभारी के साथ फुहिया बाँध का निरीक्षण किया। फुहिया के समीप कमला एवं करेह नदी का संगम स्थल है, जो आगे बढ़कर कोशी नदी में मिल जाती है। प्राप्त जानकारी अनुसार वर्ष 2014-15 से मार्च - 2019 तक 96.5वें किलोमीटर से 111.29 किलोमीटर तटबंध में तटबंध विस्तारिकरण का कार्य किया गया था, जिसके 2.890 किलोमीटर में बाढ़ निरोधात्मक एवं सुरक्षात्मक कार्य कराया गया है तथा तटबंध का मजबूतीकरण किया गया है। करेह नदी के तटबंध में 04 किलोमीटर में विस्तारिकरण एवं मजबूतीकरण का कार्य किया जा रहा हैं, जो फुहिया में आकर ही मिलेगा, यह कार्य बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, दरभंगा द्वारा करवाया जा रहा है। चल रहे कार्य का मंत्री एवं डीएम द्वारा मुआयना किया गया। 2.890 किलोमीटर का मजबूतीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा करेह नदी का तटबंध निर्माण का कार्य जारी है। इसके पूर्व डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने कुशेश्वरस्थान पूर्वी के प्रखण्ड मुख्यालय में बाढ़ की स्थिति एवं बाढ़ राहत कार्य की समीक्षा स्थानीय पदाधिकारियों के साथ की।
July 20, 2021

19.07.2021 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. व एसएसपी बाबूराम की संयुक्त अध्यक्षता में मुख्य सचिव बिहार एवं पुलिस महानिदेशक बिहार, द्वारा वर्चुअल मीटिंग के दौरान दिए गए निर्देश के आलोक में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव व सुरक्षा के लिए जारी दिशा निर्देश का अनुपालन बकरीद और श्रावणी पूजा को लेकर जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष के साथ बैठक की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश का अनुपालन सख़्ती से कराया जाए। उन्होंने भीड़-भाड़ वाले इलाके यथा-सब्जी मंडी मार्केट, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन में मास्क चेकिंग अभियान जारी रखने का निर्देश दिया और कहा कि वाहनों एवं दुकानों में भी लगातार मास्क की चेकिंग की जाए। कोविड-19 मार्ग निर्देशक के अनुसार सभी धार्मिक स्थलों को बंद रखा गया है तथा किसी प्रकार की जुलूस एवं धार्मिक आयोजन पर प्रतिबंध जारी है। इसलिए बकरीद एवं सावन के दौरान मंदिर, मस्जिद बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस बाबत सिया वक़्फ़ बोर्ड एवं सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड द्वारा भी अपने अपने समुदाय को अपील जारी की गई है। उन्होंने निर्देशित किया कि कुर्बानी निर्धारित स्थल पर ही की जाए तथा उसके अवशिष्ट पदार्थ यत्र तत्र न फेंका जाए, बल्कि इस पर सभी थाना अध्यक्ष निगरानी रखेंगे। उन्होंने कहा कि संवेदनशील धार्मिक स्थल चिन्हित है जिस पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत है। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना कि तीसरी लहर अगस्त-सितंबर में आने की संभावना है बल्कि कई देशों में यह आ चुकी है। इसलिए इस पर विशेष नजर रखने की आवश्यकता है। कोरोना महामारी से बचाव के लिए सबका टीकाकरण अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि देखा जा रहा है कि कई टीकाकरण स्थलों पर अचानक भीड़ बढ़ जाती है, जिससे विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इस पर थानाध्यक्ष को ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिले में लगभग 23 से 24 प्रतिशत लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। इसके साथ ही कंटेनमेंट जोन पर भी ध्यान देने की जरूरत है तथा जहां कोरोना के मामले मिल रहे हैं। वहां सभी का टेस्टिंग जरूरी है। यदि किसी वाहनों में या प्रतिष्ठान में मास्क का प्रयोग नहीं किया जा रहा है, तो उसे जब्त किया जाए।
एसएसपी बाबू राम ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 के लिए जारी दिशा निर्देश के आलोक में धार्मिक स्थलों पर गतिविधियां बंद है। तथा सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक आयोजन एवं जुलूस पर प्रतिबंध जारी है।
सभी थानाध्यक्ष शांति समिति की बैठक कर इस तथ्य से सभी को अवगत करा दें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से यह सूचना आम लोगों के बीच दे दी जाए। उन्होंने कहा कि सिया वक़्फ़ बोर्ड एवं सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड द्वारा भी अपील जारी की गई है। उन्होंने सभी थानाध्यक्ष को अपने क्षेत्र के कुर्बानी स्थलों के संबंध में जानकारी ले लेने को कहा तथा कुर्बानी के बाद जानवर के अवशिष्ट पदार्थ निर्धारित स्थल पर ही निष्पादित किया जाए। यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्व ऐसे मौके का फायदा उठाते हैं। इसलिए लगातार गश्ती जारी रहे तथा ऐसे तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि कोविड की तीसरी लहर आने वाली है। कई देशों में यह आ चुका है और किसी न किसी माध्यम से यहां भी आएगा। इसलिए सब्जी मंडी, बाजार एवं भीड़ भाड़ वालों क्षेत्र में मास्क चेकिंग अभियान लगातार जारी रखी जाए। सिटी एसपी अशोक प्रसाद ने कहा कि आजकल जानवरों का ट्रांसपोर्टेशन बढ़ गया है प्रतिबंधित जानवर के ट्रांसपोर्टेशन पर नजर रखने की जरूरत है। डीएम ने कहा कि जानवर के ट्रैफिकिंग के मामले में कार्रवाई प्रशासन करेगी। इसमें किसी निजी व्यक्ति की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति इस तरह के मामले में सामने आता है, तो, उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, सहायक समाहर्ता अभिषेक पलासिया, सिविल सर्जन डॉ संजीव कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता विभूति रंजन चौधरी, अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) अखिलेश प्रसाद सिंह, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अजय कुमार, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राकेश कुमार गुप्ता, जिला परिवहन पदाधिकारी रवि कुमार एवं संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
July 10, 2021

10.07.2021 (दरभंगा) : विश्वविद्यालय समाजशास्त्र विभाग के तत्वावधान में गत 15 जून से संचालित स्नातक प्रथम खंड समाजशास्त्र प्रतिष्ठा के आनलाईन वर्गों का आज सायंकाल समारोहपूर्वक आनलाईन समापन हुआ। समारोह के अध्यक्षीय आसन से उदगार व्यक्त करते हुए प्रति कुलपति प्रोo डाॅली सिन्हा ने कहा कि कोरोना महामारी और शिक्षकों की कमी का मजबूत विकल्प आनलाईन अध्यापन है। डिजिटल माध्यम एक शक्तिशाली प्लेटफार्म है जिसका सार्थक विनियोग अध्यापन में किया जाना चाहिए। अध्यापन एक निरंतर प्रक्रिया है जिसमें तकनीकी प्रयोग से गुणात्मक विकास संभव है। उन्होंने आगे कहा कि केन्द्रीयकृत ऑनलाइन अध्यापन की शुरुआत तो भौतिकी से हुई, पर ट्राफी समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो गोपी रमण प्रसाद सिंह ले रहे हैं। प्रो सिन्हा ने इस आनलाईन अध्यापन में सहयोग करने वाले सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह के मुख्य अतिथि भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो मनोरंजन प्रसाद ने वैश्विक महामारी कोरोना के दौर में ऑनलाइन अध्यापन को ऐतिहासिक बताया तथा अन्य विश्वविद्यालयों को इससे सीख लेने की नसीहत दी।
प्रो प्रसाद ने भावप्रवण होकर अपने दरभंगा के छात्र जीवन और अपने पिता पूर्व अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो आर सी प्रसाद का स्मरण किया। विशिष्ट अतिथि सी. एम. कालेज, दरभंगा के प्रधानाचार्य और प्रसिद्ध समाजशास्त्री प्रो विश्वनाथ झा ऑनलाइन वर्ग की चर्चा करते हुए इस आषाढ मास में महाकवि कालिदास के मेघदूत से तुलना की। प्रो झा ने इस तकनीकी युग में सभी छात्र छात्राओं के लिए कम्प्यूटर सर्टिफिकेट कोर्स को अनिवार्य किए जाने पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि विकास पदाधिकारी प्रोफ़ेसर के के साहु ने इस अवसर पर उदगार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रति कुलपति प्रो डाॅली सिन्हा ने ऑनलाइन अध्यापन का बीज वपन किया जो अब फलदार वृक्ष हो गया है।
विशिष्ट अतिथि प्रो चन्द्र भानु प्रसाद सिंह ने इस अवसर पर सुझाव दिया कि ऑनलाइन अध्यापन का दस्तावेजीकरण होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय शायद बिहार का इकलौता विश्वविद्यालय है जिसने स्नातकस्तरीय वर्गों के लिए केंद्रीकृत ऑनलाइन अध्यापन का ऐतिहासिक कार्य किया है। समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष - सह -समाज विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रोफ़ेसर गोपी रमण प्रसाद सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि स्नातक प्रथम खंड समाजशास्त्र प्रतिष्ठा के कुल छियालीस वर्ग हुए जिनका संचालन विश्वविद्यालय समाजशास्त्र विभाग सहित पन्द्रह महाविद्यालयों के बाईस शिक्षकों के सहयोग से किया गया।प्रो सिंह ने सूचित किया कि आगामी 19 जुलाई से स्नातक द्वितीय खंड समाजशास्त्र प्रतिष्ठा के केन्द्रीयकृत ऑनलाइन वर्ग संचालित होंगे। एम. आर. एम. कालेज, दरभंगा की समाजशास्त्र विभागाध्यक्षा डा पुतुल सिंह ने आगत अतिथियों समेत पूरे समाजशास्त्र परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। विश्वविद्यालय समाजशास्त्र विभाग की सहायक प्राचार्य डा सारिका पांडेय ने कार्यक्रम का संचालन किया। गणेश पासवान ने तकनीकी सहयोग दिया।
July 10, 2021

10.07.2021 (पटना) : द्वितीय अपीलीय प्राधिकार -सह- जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह द्वारा लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से द्वितीय अपील के 20 मामलों की सुनवाई की गई। जिलाधिकारी द्वारा परिवादी एवं लोक प्राधिकार के पक्षों की सुनवाई कर न्याय संगत आदेश पारित किया गया। आज की सुनवाई में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभुक के आवास का निर्माण, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत निर्मित शौचालय की राशि का भुगतान, अतिक्रमण संबंधी मामले, विद्युत विपत्र का नियमानुकूल भुगतान आदि की सुनवाई कर आदेश पारित किए गए। जिलाधिकारी ने सभी लोक प्राधिकार को जनता की शिकायतों के प्रति गंभीर होने तथा समस्या /शिकायत का एक्ट के अनुरूप वास्तविक निवारण करने का निर्देश दिया।
July 10, 2021

09.07.2021 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम ने हेलीकॉप्टर से दरभंगा जिला के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र केवटी, बेनीपुर, कुशेश्वरस्थान, हायाघाट, हनुमाननगर प्रखण्ड का हवाई सर्वेक्षण किया गया। जिसमें केवटी- असराहा क्षेत्र के 09 पंचायत, कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखण्ड के सभी पंचायत, कुशेश्वरस्थान पश्चिमी प्रखण्ड व हायाघाट प्रखण्ड के कुछ हिस्से एवं हनुमाननगर प्रखण्ड का पूरा हिस्सा बाढ़ प्रभावित पाया गया। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के फसल क्षति का सही आकलन कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिया है।
साथ ही सभी संबंधित प्रखण्डों/अंचलों के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी को निष्क्रमित आबादी के बीच आवश्यकतानुसार पॉलीथिन सीट्स व राहत सामग्री का वितरण करने नाव व सामुदायिक किचेन चलवाने का निर्देश दिया है। हवाई सर्वेक्षण के उपरांत डीएम ने अपर समाहर्त्ता विभूति रंजन चौधरी व अंचलाधिकारी केवटी के साथ केवटी अंचल के ख़िरमा, लदारी, शेखपुरदानी व पिंडारुच सहित कई बाढ़ प्रभावित पंचायतों का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने अंचलाधिकारी, केवटी को निष्क्रमित आबादी के लिए सामुदायिक किचन चलवाने को कहा तथा निष्क्रमित आबादी के बीच आवश्यकतानुसार पॉलिथीन सीट का वितरण करवाने का निर्देश दिया। डीएम द्वारा केवटी के एक सामुदायिक रसोई (किचन) का भी निरीक्षण किया गया, जहाँ बाढ़ प्रभावित परिवारों को चावल, दाल और सोयाबीन-आलू की सब्जी दिया जा रहा था। उन्होंने वहाँ उपस्थित ग्रामीणों से मिलकर उनसे सामुदायिक किचेन व बाढ़ राहत कार्य का फीडबैक भी लिया गया।