June 30, 2022

30.06.2022 (दरभंगा) : दरभंगा के प्रसिद्ध श्यामा माई मंदिर के न्यास समिति द्वारा आज मंदिर परिसर में अवस्थित सभागार में श्यामा माई मंदिर न्यास समिति की बैठक आयोजित की गयी। जिसमे डीएम सह न्यास समिति के पदेन सचिव राजीव रौशन के द्वारा इस बैठक में भाग लिया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार मंदिर परिसर में आयोजित श्यामा माई मंदिर न्यास समिति की बैठक में पहली बार किसी डीएम ने भाग लिया। बैठक में मंदिर को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने हेतु विचार विमर्श किया गया तथा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें नौका विहार में बच्चों से लिए जाने वाले शुल्क 50 रुपये प्रति टिकट को घटाकर 20 रुपये करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा व कल्याण कार्य हेतु जन कल्याण समिति बनाई गयी, जो जन सुविधा एवं जनकल्याण के कार्यों की निगरानी एवं अनुश्रवण करेगी। बैठक में श्यामा माई मंदिर न्यास समिति के उपाध्यक्ष कमला कांत झा एवं कार्यकारी सचिव सह कुलपति ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय श्रीपति मिश्र, मंदिर के प्रबंधक, कोषाध्यक्ष एवं अन्य सभी सदस्य उपस्थित थे।
June 30, 2022

30.06.2022 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन द्वारा पुअर होम में चल रहे आई हॉस्पिटल, डेंटल क्लिनिक, आयुर्वेद योगा केन्द्र(जो संचालित नहीं है), सृजन मिथिला पेंटिंग एवं वहाँ पर चल रहे सभी कार्यों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही डीएम द्वारा पुअर होम में चल रहे दोनों विद्यालय का भी निरीक्षण किया गया। बताया गया कि पुअर होम परिसर में 2 विद्यालय संचालित किए जाते हैं, जिसमें एक मूक बधिर विद्यालय एवं दूसरा नेत्रहीन विद्यालय है। नेत्रहीन विद्यालय में 58 तथा मुक्त बधिर विद्यालय में 39 बच्चे नामांकित हैं। वहाँ उपस्थित पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि विद्यालय भवन का रंग रोगन एवं मरम्मति कराने हेतु कार्यपालक अभियंता (भवन) को पत्र लिखा गया है। इस अवसर पर सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा) नेहा कुमारी व पुअर होम के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
June 30, 2022

30.06.2022 (दरभंगा) : विधि का उल्लंघन करने वाले बालकों के संबंध में निर्णय लेने के लिए प्रत्येक जिले में किशोर न्याय बोर्ड के गठन का प्रावधान है। बोर्ड में प्रधान मजिस्ट्रेट व संबंधित जिले से दो सामाजिक कार्यकर्ता सदस्य (सदस्यों में कम से कम एक महिला) के न्यायपीठ का गठन किया जाना है, इसे लेकर दरभंगा में दो सदस्य के रिक्त पदों के विरुद्ध सामाजिक कार्यकर्ताओं का चयन किया जाना है। पांच सदस्यीय बाल कल्याण समिति में एक पद अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए भी रिक्त है। किशोर न्याय बोर्ड के सामाजिक सदस्य के रूप में चयन के लिए इच्छुक संबंधित जिला के निवासी तथा कागजात के साथ वेबसाइट https://state.bihar.gov. in/social welfare/ पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन 25 जून से प्रारंभ है और 11 जुलाई तक आवेदन किया जा सकेगा, सामाजिक कार्यकर्ता सदस्यों की आयु न्यूनतम 30 वर्ष और अधिकतम 65 वर्ष होगी जिसकी गणना 01.06.2022 से की जाएगी। बोर्ड के सदस्यों के प्रत्येक बैठक के लिए 1500 रुपये (अधिकतम 20 बैठक) का प्रावधान है बैठक का निर्धारण किशोर न्याय अधिनियम के नियमानुसार होगा। स्नातकोत्तर डिग्री के साथ सामाजिक कार्यकर्ता उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में स्नातक (प्रतिष्ठा) डिग्री प्राप्त सामाजिक कार्यकर्ता के आवेदन पर विचार किया जाएगा। आवेदक को आवेदन भरने में तकनीकी समस्या help-deskrecruitment.dsw22@gmail. com पर मेल करेंगे जो आवेदन भरने की अंतिम तिथि तक मान्य है। पांच सदस्यीय बाल कल्याण समिति के अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए रिक्त एक पद के लिए भी उम्र सीमा व योग्यता वही रखी गयी है।
June 29, 2022

29.06.2022 (DarbhangaOnline Desk) : प्राप्त जानकारी के अनुसार स्टेशन पुनर्विकास परियोजना के तहत विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित करने हेतु पूर्व मध्य रेल के कुल 12 स्टेशनों यथा - दानापुर मंडल के राजेन्द्रनगर एवं बक्सर, सोनपुर मंडल के मुजफ्फरपुर, बेगुसराय एवं बरौनी, समस्तीपुर मंडल के दरभंगा, सीतामढ़ी, बापूधाम मोतीहारीय पं. दीन दयाल उपाध्याय मंडल के गया एवं पं.दीन दयाल उपाध्याय जं तथा धनबाद मंडल के धनबाद एवं सिंगरौली का चयन किया गया है तथा इन स्टेशनों के पुनर्विकास हेतु प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है। धार्मिक एवं पर्यटन दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण गया स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने के लिए अंतिम रूपरेखा तैयार हो जाने के बाद निविदा जारी कर दिया गया है। गया स्टेशन का पुनर्विकास कार्य लगभग 300 करोड़ रूपए की अनुमानित लागत से पूरा किया जाएगा तथा इसे वर्ष 2024 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है । पुनर्विकास से जुड़े कार्य पूरा होने के बाद यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं प्राप्त होंगी। पुनर्विकास के बाद गया स्टेशन उन्नत यात्री सुविधाओं के साथ तकनीक, स्थानीय संस्कृति और समृद्ध विरासत का आकर्षक मेल बनेगा। पुनर्विकास के उपरांत गया स्टेशन पर यात्रियों को सेवा प्रदान करने की क्षमता तीन गुणा बढ़ जायेगी। इससे पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का सृजन होगा जिसका लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा। स्टेशन पुनर्विकास का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को संरक्षा, बेहतर अनुभव एवं विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं प्रदान करना है।
स्टेशन को विश्वस्तरीय रूप देते हुए स्टेशनों को अत्याधुनिक सुविधा से सुसज्जित करते हुए स्टेशन को ग्रीन बिल्डिंग का रूप दिया जाएगा, जहां वेंटिलेशन आदि की पर्याप्त व्यवस्था होगी। स्टेशन पर एक्सेस कंट्रोल गेट एवं प्रत्येक प्लेटफार्म पर एस्केलेटर एवं लिफ्ट लगाए जाएंगे, ताकि एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर आने-जाने में यात्रियों को सुविधा हो। यात्रियों को प्रदान की जाने वाली आवश्यक सुविधाओं में खान-पान, वॉशरूम, पीने का पानी, एटीएम, इंटरनेट आदि शामिल होंगे । इससे आम यात्रियों के साथ वरिष्ठ नागरिक विशेष रूप से लाभान्वित होंगे।विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में पुनर्विकास के उपरांत गया स्टेशन पर रेल यात्रियों के स्टेशन पर आगमन एवं प्रस्थान के लिए अलग-अलग व्यवस्था के तहत आगमन भवन एवं प्रस्थान भवन का निर्माण एवं तीर्थयात्रियों के लिए अलग भवन का निर्माण किया जायेगा। स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार ऐसे होंगे, जिससे यात्रियों को भीड़-भाड़ का सामना नहीं करना पड़े। वर्तमान की तुलना में मुख्य स्टेशन भवन के लिए 2.35 गुणा अधिक जगह तथा पार्किंग एरिया के लिए 4.9 गुणा अधिक जगह उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही प्रतीक्षालय के लिए अतिरिक्त 6400 वर्गमीटर कॉनकोर्स एरिया, स्टेशन पर कुल 23 लिफ्ट एवं 11 एस्केलेटर की सुविधा, मौजूदा 3100 वर्गमीटर प्लेटफार्म क्षेत्र और एफओबी का उन्नयन, अतिरिक्त टिकटिंग सुविधा, दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, ग्रीन ऊर्जा हेतु स्टेशन भवन पर सौर पैनल का प्रावधान, रेन वाटर हार्बेस्टिंग का प्रावधान, वाटर रिसाइक्लिंग प्लांट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं अग्निशमन आदि की व्यवस्था होगी।
June 29, 2022

28.06.2022 (पटना) : आयुक्त, पटना प्रमंडल कुमार रवि ने कहा है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे आज अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित शिक्षा विभाग की प्रमंडल-स्तरीय मासिक समीक्षात्मक बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। इसमें प्रमंडल अन्तर्गत छः जिलों-पटना, नालन्दा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास एवं कैमूर- के जिला पदाधिकारी/उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का सफल संचालन एवं योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए सभी पदाधिकारियों को प्रतिबद्ध रहना होगा। इस बैठक में आयुक्त कुमार रवि ने प्रमंडलान्तर्गत शिक्षा विभाग की 08 मुख्य बिन्दुओं पर समीक्षा की तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया। क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, पटना प्रमंडल द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सभी जिलों का समेकित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। विद्यालयों का निरीक्षण एवं शिक्षक-छात्रों की उपस्थिति, छात्रवृत्ति योजना, पोशाक योजना, मुख्यमंत्री बालक/बालिका साईकिल योजना, विद्यालय में शौचालय निर्माण, विद्यालयों में पेयजल की स्थिति, शैक्षणिक परिभ्रमण तथा पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना का अनुश्रवण सहित सभी बिन्दुओं पर आयुक्त श्री रवि ने विस्तृत समीक्षा की तथा आवश्यक निदेश दिया।
आयुक्त ने पदाधिकारियों को निदेश दिया कि सरकार के निदेशानुसार विद्यालयों का नियमित तौर पर निरीक्षण करें एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना, मुख्यमंत्री पोशाक योजना, मुख्यमंत्री बालक/बालिका साईकिल योजना सहित सभी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का निरीक्षण करें। विद्यालयों में पेयजल एवं शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित करें। आयुक्त के संज्ञान में लाया गया कि प्रमंडल अन्तर्गत कुल विद्यालयों की संख्या 11,646 के विरूद्ध 11,462 विद्यालयों में पीएम पोषण योजना (मध्याहन भोजन) का संचालन हो रहा है। आयुक्त ने शेष 184 विद्यालयों में भी पीएम पोषण योजना शीघ्र शुरू करने का निदेश दिया। उन्होंने विद्यालय शिक्षा समिति का गठन, रसोईयों की बहाली, खाद्यान्न की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने का निदेश दिया।बैठक में आयुक्त द्वारा मुख्यमंत्री पोशाक योजना की समीक्षा की गई। प्रमंडल अंतर्गत मुख्यमंत्री पोशाक योजना (वर्ग 1 से 8 तक) के अंतर्गत विद्यालयों की कुल संख्या 11,302 है। नामांकित छात्रों की संख्या 21,60,745 है। मुख्यमंत्री पोशाक योजना की उपलब्धि 91.81 प्रतिशत है।
आयुक्त द्वारा मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना (वर्ग 09 से 12 तक) की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि कुल 1600 विद्यालयों में 6,71,246 छात्रा नामांकित हैं। मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना के क्रियान्वयन में उपलब्धि 83.7 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री बालक/बालिका साईकिल योजना में लक्ष्य के विरूद्ध उपलब्धि 76.84 प्रतिशत है। आयुक्त श्री रवि ने इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु डीबीटी/पोर्टल के माध्यम से लाभुकों के खाते में राशि के अंतरण की नियमित समीक्षा करने का निदेश दिया। आयुक्त कुमार रवि ने प्रमंडल अन्तर्गत सभी विद्यालयों में शौचालय एवं पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निदेश दिया। उन्होंने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति मेधावृत्ति योजना का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निदेश दिया। आयुक्त ने प्राथमिक शिक्षा से उच्चतर माध्यमिक शिक्षा तक बच्चों के नामांकन की निरंतरता को बनाये रखने के लिए रणनीति के अनुसार कार्य करने का निदेश दिया। उन्होंने प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अतिरिक्त वर्ग कक्षों एवं शौचालयों का निर्माण कार्य को ससमय पूर्ण करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के विरूद्ध शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के लिए सभी पदाधिकारियों को तत्पर एवं दृढ़संकल्पित रहना पड़ेगा।