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विकास का सबसे बड़ा मापक शिक्षा है

November 30, 2022
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28.11.2022 (दरभंगा) : विकास का सबसे बड़ा मापक शिक्षा है। सामूहिक रूप से लिये गये निर्णय के अनुसार कार्य करना बेहतर होता है। महाराजा स्वर्गीय सर कामेश्वर सिंह शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के प्रति लोक कल्याणकारी एवं बेहतरीन सोच के धनी व्यक्तित्व थे। उनके चिंतन, दर्शन एवं कार्य सराहनीय हैं। उक्त बातें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने 116 वीं जयंती के अवसर पर महाराजाधिराज स्वर्गीय सर कामेश्वर सिंह की आदमकद प्रतिमा का अनावरण करते हुए कही।

कुलपति ने कहा कि महाराजा की बोलती हुई प्रतीत होने वाली मूर्ति दोनों विश्वविद्यालय के प्रवेश स्थल पर स्थापित होना प्रसन्नता की बात है। उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से शुभकामनाएं देते हुए मूर्ति की स्थापना में सहयोग करने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एक ही परिसर कामेश्वरनगर में 2 विश्वविद्यालयों की स्थापना और संचालन अन्यत्र दुर्लभ है। हरेक सृजन कार्य का हमेशा पहले विरोध होता है, परंतु संघर्ष से ही स्थायी उपलब्धियां प्राप्त होती हैं। वहीं कुलपति ने विश्वविद्यालय में नवनिर्मित एडवांस रिसर्च सेंटर का लाल फीता काटकर उद्घाटन करते हुए कहा कि बिहार के विश्वविद्यालयों में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय प्रथम विश्वविद्यालय है, जहां एडवांस रिसर्च सेंटर प्रारंभ हो रहा है। इसका लाभ विश्वविद्यालय के शिक्षकों व शोधार्थियों के साथ ही अन्य लोगों को भी मिलेगा। ई- लाइब्रेरी से बिना शुल्क तथा सशुल्क स्तरीय जर्नलों एवं पुस्तकों को एक क्लिक के माध्यम से शिक्षक व शोधार्थी घर बैठे लाभ उठा सकेंगे। प्रोफेसर सिंह ने बताया कि मेरे कार्यकाल के प्रथम वर्ष में 603 शोधार्थियों ने पीएच डी की उपाधि प्राप्त की जो देश का एक रिकॉर्ड है।

एक प्रश्न के उत्तर में कुलपति ने कहा कि अपने विश्वविद्यालय के सभी छात्र ई- लाइब्रेरी आदि का नि:शुल्क लाभ उठाएंगे, परंतु अन्य लोगों को कुछ शुल्क के साथ लाभ उठाने का अवसर दिया जाएगा। संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर शशिनाथ झा ने कहा कि बड़े हर्ष की बात है कि दानवीर कर्ण सदृश महाराजा कामेश्वर सिंह की मूर्ति का अनावरण विश्वविद्यालय परिसर में हुआ है, जिसका हमलोग काफी दिनों से इंतजार कर रहे थे। महाराजा का काम ही उनका यश है। उनकी दानशीलता पूरे भारतवर्ष में विख्यात रहा है। उन्होंने मूर्ति स्थापना स्थल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यहां प्रतिदिन शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मियों एवं छात्रों को महाराजा के दर्शन होंगे। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. मुश्ताक अहमद ने कहा कि महाराजा कामेश्वर सिंह की आदमकद प्रतिमा के अनावरण से आज विश्वविद्यालय 50 वर्षों के ऋण से मुक्त हो रहा है। महाराजा होते हुए भी वे समाज के प्रति काफी संवेदनशील थे। उन्होंने मिथिला क्षेत्र में अनेक उद्योगों की भी स्थापना करवायी थी। देश के अधिकांश शैक्षणिक संस्थानों के निर्माणों में उनका सराहनीय योगदान रहा है। आज का दिन विश्वविद्यालय के स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा, क्योंकि आज का यह ऐतिहासिक क्षण हमें गौरवान्वित कर रहा है।

कुलसचिव ने बताया कि विश्वविद्यालय में दिव्यांगों के लिए ब्रेल लाइब्रेरी का भी आज शुभारंभ हो रहा है। वहीं एडवांस रिसर्च सेंटर में कार्यरत एवं अवकाश प्राप्त शिक्षकों के विशेष व्याख्यान रिकॉर्ड होंगे, जिसका लाभ शोधार्थियों व छात्रों को मिलेगा। सीनेट सदस्य डा. बैजू चौधरी ने कहा कि वर्तमान कुलपति महाराजा कामेश्वर सिंह के साथ ही गांधी जी की मूर्ति का भी अनावरण किया है। वहीं अन्य मूर्तियों को भी छतरी प्रदान कर सराहनीय कार्य किया है। दोनों विश्वविद्यालयों का विस्तृत जमीन एवं भवन महाराजा से ही प्राप्त हुआ है। बीएचयू के निर्माण में भी सर कामेश्वर सिंह का सबसे बड़ा योगदान था, जिनके नाम पर आज विश्वविद्यालय में कामेश्वर चेयर संचालित है।

पूर्व विधान पार्षद प्रो. विनोद कुमार चौधरी ने कहा कि वर्तमान कुलपति के कार्यकाल में अनेक ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। महाराजा की मूर्ति के अनावरण को खुशी का अवसर बताते हुए, इनमें संलग्न सभी व्यक्तियों को बधाई एवं धन्यवाद दिया। इस अवसर पर महाराजा के पौत्र रत्नेश्वर सिंह ने कहा कि आज महाराज परिवार के लिए अत्यंत खुशी की बात है कि उनकी मूर्ति की स्थापना दोनों विश्वविद्यालय के संगम स्थल पर हुआ है। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर एस. पी. सिंह ने विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित एडवांस रिसर्च सेंटर का भी उद्घाटन किया। कुलपति ने सेंटर के विभिन्न सेलों के कोऑर्डिनेटरों तथा संबंधित अधिकारियों से विशेष जानकारियां प्राप्त की तथा निर्देश दिया कि इन कोऑर्डिनेटरों का यथाशीघ्र प्रशिक्षण करा कर कार्यारंभ किया जाए।

इस अवसर पर सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. जितेन्द्र नारायण, विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. शिशिर कुमार वर्मा, मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो. ए के बच्चन, पूर्व कुलसचिव प्रो. अजीत कुमार सिंह, डब्ल्यू आई टी के निदेशक प्रो. विमलेन्दु शेखर झा, परीक्षा नियंत्रक डा. आनंद मोहन मिश्र, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. मंजू राय, डा. सोनी कुमारी, डा. कामेश्वर पासवान, डा. मो. जिया हैदर, डा. घनश्याम महतो, डा. आनंद प्रकाश गुप्ता, प्रो. सुरेन्द्र प्रसाद, डा. सुरेश पासवान, डा. विनोद बैठा, डा. दिव्या रानी हंसदा, प्रो राजेन्द्र साह, प्रो. शहनाज बेगम, डा. रुद्रकांत अमर, डा. आर एन चौरसिया, प्रो. विजय कुमार यादव, प्रो. शाहिद हसन, डा. यू. एन. तिवारी, डा. महेश प्रसाद सिंहा, प्रो. दमन झा, डा. अयाज अहमद, मीना झा एवं गोपाल जी, डा. अरविन्द मिलन, डा. मनुराज शर्मा, प्रो. पूनिता झा, डा. ममता स्नेही, डा. रश्मि शिखा, डा. संतोष कुमार व डा. पूजा अग्रवाल आदि उपस्थित थे। स्वस्तिवाचन गंधर्व जी ने किया, जबकि प्रो. अशोक कुमार मेहता के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अजय नाथ झा ने किया।

अभिषद् की बैठक हुई आयोजित

November 28, 2022
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27.11.2022 (दरभंगा) : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में अभिषद् की बैठक कुलपति प्रो० सुरेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में नरगौना परिसर स्थित कुलपति महोदय के आवासीय कार्यालय के सभाकक्ष में आहूत हुई।

ल० ना० मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के वित्तीय वर्ष 2023 - 2024 की आय - व्यय को सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित किया। आय - व्ययक में किसी प्रकार के त्रुटि को दूर करने हेतु संबंधित विभाग को निर्देशित किया। कुलपति प्रो० सुरेंद्र प्रताप सिंह के आदेशोपरांत बैठक की कार्यवाही शुरू करते हुए प्रो० मुश्ताक अहमद, कुलसचिव ने सभी सदस्यों का स्वागत किया और तदुपरांत कार्यसूची में अंकित विषयों को सदस्यों के समक्ष रखा। अभिषद् की गत बैठक दिनांक 14.11.2022 के कार्यवृत्त पर विचार रखते हुए डॉ० बैद्यनाथ चौधरी ने कर्मचारियों के पोन्नति से संबंधित मामला उठाया और इसे कार्यवृत्त में शामिल करने की बात कही। प्रो० विनोद चौधरी ने उनके माँग का समर्थन करते हुए पोन्नति के बिंदु को कार्यवृत्त में रखने की बात कही। साथ ही अध्यक्ष से अनुरोध किया कि सदस्यों के द्वारा बैठक में रखी गई सभी विषयों को कार्यवृत्त में अंकित किया जाये। इसके उत्तर में प्रो० अहमद, कुलसचिव ने सदस्यों को अवगत करवाया की सभी सदस्यों के द्वारा दिये गए सुझाव और मंतव्य को कार्यवृत्त में अंकित किया जाता है और मानवीय भूलवश अगर कोई बिंदु अंकित नही हो पाया है तो उस विषय को भी अंकित किया जाएगा।

दूरस्थ शिक्षा निदेशालय की वर्त्तमान स्तिथि की समीक्षा हेतु विश्वविद्यालय द्वारा गठित कमिटी के प्रतिवेदन एवं ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के क्षेत्रान्तर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालय परिसर स्थित बी०एड० नियमित के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के भुगतान से संबंधित विषयों को स्थगित रखने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है ।डॉ गोपालजी ठाकुर सांसद, दरभंगा ने विश्वविद्यालय से खेलो इंडिया के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम का प्रस्ताव सरकार में भेजने संबंधित जानकारी की माँग की। कुलसचिव ने सदस्य को सदर सूचित किया कि उनके द्वारा दिये गए प्रस्ताव को विश्वविद्यालय द्वारा प्रोजेक्ट के रूप में तैयार करके सभी केंद्र एवं राज्य सरकार के संबंधित विभाग को प्रेषित की जा चुकी है और इसकी एक प्रति उनके सुलभ संदर्भ हेतु प्रेषित किया जाएगा। सांसद ने विश्वविद्यालय के चल अचल संपत्ति के सीमांकन करने का प्रस्ताव रखा जिसके जवाब में विश्वविद्यालय के तरफ से संबंधित विभाग को पत्र प्रेषित करने की सूचना दी गई।

डॉ अमर कुमार ने सम्बद्ध महाविद्यालयों में डोनर अथवा दाता सदस्य के शशि निकाय में सदस्य बनने की प्रक्रिया पर अफसोस जताते हुए सूचित किया कि जिन सम्मानित व्यक्तियों ने महाविद्यालय खोलने हेतु जमीन दिया उनको दरकिनार करते हुए जिन व्यक्तियों ने पचीस हज़ार की राशि दी है उनको दाता सदस्य के रूप में शासी निकाय में तरज़ीह मिलना सही नही है। उनके इस विचार का समर्थन माननीय सांसद दरभंगा ने भी किया और महाविद्यालय के लिये अपना चल अचल संपत्ति देने वालों को नजर अंदाज किये जाने को गलत करार दिया। प्रो० अहमद ने सदन को सूचित किया कि सम्बद्ध महाविद्यालयों में दाता सदस्य का चुनाव शासी निकाय के द्वारा की जाती है। इसमें विश्वविद्यालय प्रावधानों के अंतर्गत कोई दखल नही दे सकती है। इसी क्रम में प्रो० विनोद चौधरी और सांसद, दरभंगा ने डॉ० बैद्यनाथ चौधरी को चार सम्बद्ध महाविद्यालयों के शासी निकाय के सदस्य नही होने को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

प्रो० विनोद चौधरी ने संत कबीर महाविद्यालय के दाता सदस्य की जाँच करने की माँग की। विद्वत परिषद की बैठक के कार्यवृतों को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। साथ ही सांसद डॉ ठाकुर एवं श्रीमती मीना झा ने आर०के०कॉलेज चंदोना, दरभंगा को नव संबंधन देने हेतु महाविद्यालय के द्वारा दिये गये शपथ पत्र पर नियमतः विचार करने की बात कही। प्रो० हरि नारायण सिंह ने दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में नामांकित छात्रों के लिये स्व- अधिगम सामग्री के भुगतान के निर्णय को सही बताया साथ ही उक्त सामग्री जरूरत के हिसाब से ली गई थी या नही इसके औचित्य की माँग की। इसके उत्तर में सदस्य को सूचित किया गया कि सभी सामग्री को छात्रों में शत प्रतिशत बाँट दिया गया था इसीलिये आवश्यकता से अतिरिक्त सामग्री क्रय का विषय नही बनता है। वित्त समिति की बैठक दिनांक 26.11.2022 के कार्यवृतों को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। कुलपति सह अध्यक्ष महोदय ने सभी सदस्यों के रचनात्मक एवं सकारात्मक सहयोग हेतु साधुबाद ज्ञापित किया। कुलसचिव प्रो० अहमद ने सदस्यों को सदन के सफल संचालन में सहयोग हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया।

बैठक में डा. फैयाज अहमद, डॉ० गोपालजी ठाकुर, डा. अमर कुमार, प्रो. शिशिर कुमार वर्मा, डा. नैयर आजम, डा. नंद कुमार, प्रो. अजय नाथ झा, प्रो. विजय कुमार यादव, प्रो. अशोक कुमार मेहता, प्रो० हरि नारायण सिंह, प्रो० विनोद चौधरी, डॉ० बैधनाथ चौधरी आदि उपस्थित हुए।

एक और विकासात्मक परियोजना का तोहफा

November 28, 2022
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27.11.2022 (दरभंगा) : केंद्र सरकार द्वारा मिथिला के केंद्र दरभंगा में एम्स, एयरपोर्ट, आईटी पार्क, तारामंडल, बिहार का प्रथम एक्सप्रेस वे सड़क, रिंग रोड, विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन, कई आरओबी देने के बाद एक और विकासात्मक परियोजना का दिया तोहफा। उक्त बातें रेल संबंधी स्थायी समिति एवं रेल मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य सह दरभंगा सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने 2.5 करोड़ की लागत से 800 मीटर लंबे एवं 7.50 मीटर चौड़े पंडासराय गुमती से लहेरियासराय माल गोदाम के बीच सड़क शिलान्यास के दौरान कही। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति विशेष आभार प्रकट करते हुए कहा कि वे दरभंगा सहित संपूर्ण मिथिला के विकास के प्रति काफी गंभीर है।

सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि आज दरभंगावासियों के लिए ऐतिहासिक दिन है। उनके सालों की अथक परिश्रम के पश्चात लगभग 100 किमी लंबे लहेरियासराय - जमालपुर मुसहरिया - सहरसा (वाया- देकुली- उघरा- खैरा- बिठौली- शंकररोहार- हावीडीह- सज्जनपुरा- कन्हौली- मलौल-कहूआ- जगदीशपुर– शिवनगरघाट– कोर्थू– कसरौर– पुनहद– घनश्यामपुर- लगमा- रसियारी-किरतपुर- तरवारा- जमालपुर- मुसहरिया- महिषी तारास्थान- बनगाँव) नई रेल लाईन के निर्माण हेतु सर्वे कार्य को रेल मंत्रालय द्वारा स्वीकृति दे दी गई और अगले महीने से सर्वे कार्य प्रारंभ होगा। उन्होंने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी यह पूरा क्षेत्र रेल कनेक्टिविटी से अछूता था। इस रेल लाइन निर्माण के बाद इस क्षेत्र के लोगों की दिशा व दशा दोनो बदल जाएगी और लोगों की आर्थिक उन्नति काफी तेज गति से होगा। उन्होंने कहा कि वह सांसद बनने के बाद प्रथम दिन से ही इस नई रेल निर्माण की दिशा में प्रयासरत थे। इस विषय को लेकर वह बीते सप्ताह भी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी से मुलाकात कर इसके स्वीकृति हेतु आग्रह किए थे। इस ऐतिहासिक कार्य के लिए उन्होंने रेल मंत्री को बधाई दिया। इसी सप्ताह में 300 करोड़ की लागत से मोदी सरकार द्वारा स्वीकृत दरभंगा रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने हेतु आरएलडीए एवं रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा सर्वे सहित अन्य कार्यों को पूरा किया गया है और आज इस सड़क का शिलान्यास किया गया है। एक के बाद एक नई विकासात्मक परियोजना को स्वीकृति मोदी सरकार के निरंतर विकास को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि समपार फाटक संख्या -21 लहेरियासराय चट्टी गुमती तथा पंडासराय गुमती पर हाल में ओवरब्रिज निर्माण को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, वहीं लगभग साढ़े पांच करोड़ की लागत से लहेरियासराय में लो कॉस्ट ओवरब्रिज निर्माण को भी रेलवे द्वारा स्वीकृति मिल चुकी है। भाजपा सांसद ने कहा कि 15 करोड़ की लागत से लहेरियासराय स्टेशन का कायाकल्प हो रहा है, जिसमे 3.5 करोड़ की लागत से फुट ओवरब्रिज, 2.46 करोड़ की लागत से स्टेशन नवीनीकरण सहित अन्य कार्य शामिल है। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में मिथिला सहित दरभंगा में विकास परियोजना की गंगा बह रही रही है जिसमे कोसी रेल महासेतु-516 करोड़,एम्स दरभंगा - 1264करोड़, आईटी पार्क-10 करोड़, तारामंडल-164 करोड़, आमस दरभंगा एक्सप्रेस वे - 7500 करोड़, आधा दर्जन आरओबी - 350 करोड़ से अधिक, दरभंगा समस्तीपुर रेल दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण-519 करोड़, काकरघाटी शिशो बाईपास रेललाईन-298 करोड़, लहेरियासराय रोसड़ा एनएच 500 करोड़, उच्चैठ महिषी तारापीठ के बीच देश के सबसे लंबे सड़क पुल के निर्माण हेतु 3000 करोड़ सहित मखाना के विकास हेतु 10 हजार करोड़ प्रमुख परियोजना है और दर्जनों नई परियोजना आने वाले दिनों में स्वीकृत की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इन सभी परियोजना के पूर्ण होने के बाद विकास के मामले में मिथिला देश में अग्रणी पंक्ति में खड़ा हो जायेगा। कार्यक्रम के दौरान एडीआरएम जितेंद्र सिंह, सीनियर डीसीएम आरएन झा, सीनियर डीसीएम विनोद गुप्ता, सीनियर डीसीएम चंद्रशेखर प्रसाद, सीनियर डीओएम डॉ निलेश कुमार, एडीईएन विजय शंकर ,जीवछ सहनी, सुजीत मल्लिक, संजीव साह, बालेन्दु झा बालाजी, उमेश चौधरी, कृष्ण भगवान झा, प्रेम कुमार मिश्रा, तनवीर हसन, अश्वनी यादव, सीता राम मांझी, शिवशंकर सिंह, कन्हैया चौधरी, कन्हैया पासवान, नवीन चौधरी, मुकुंद चौधरी,देवेन्द्र झा, सुनील चौधरी, माधव आजाद, प्रभाकर ठाकुर, सरिता देवी, प्रदीप गुप्ता, ध्रुव मंडल, पप्पू महासेठ, विमल झा, रुद्रा चौधरी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहें।

नशा मुक्ति के संकल्प को धरातल पर उतारना सभी लोगों के सार्थक प्रयास से ही सफल होगा

November 28, 2022
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26.11.2022 (दरभंगा) : नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर समाहरणालय स्थित सभागार में ज्ञान भवन , पटना में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण के समापन के अवसर पर डीएम राजीव रौशन ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी पदाधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में नशा मुक्ति अभियान शत प्रतिशत लागू कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को आप सबों ने सुना, उनका महिलाओं के प्रति नशा मुक्ति के लिए जो संकल्प है, उसे हमें धरातल पर उतारना है और यह सब आप लोगों के सार्थक प्रयास से ही हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इस पूरे अभियान में महिलाओं की बड़ी भागीदारी रही है और सच कहा जाए तो महिलाओं के प्रयास से ही यह अभियान जारी हुआ है। उन्होंने इसके लिए जीविका दीदियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं सहायिकाओं के प्रति भी अपना आभार प्रकट किया।

महिलाओं के साथ लैंगिक हिंसा के विरुद्ध अंतराष्ट्रीय महिला जागरूकता पखवाड़ा के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया

November 28, 2022
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26.11.2022 (दरभंगा) : सखी वन स्टॉप सेन्टर, दरभंगा के द्वारा आज सदर प्रखण्ड के बाकरगंज मुहल्ला, वार्ड नं. - 40, में महिलाओं के साथ लैंगिक हिंसा के विरुद्ध अंतराष्ट्रीय महिला जागरूकता पखवाड़ा के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला संरक्षण पदाधिकारी-सह-केन्द्र समन्वयक श्रीमती अज़मातून निशा द्वारा महिलाओं को हिंसा के विरुद्ध लागू कानूनों की जानकारी घर-घर पहुंचाकर महिलाओं के प्रति हो रही विभिन्न प्रकार के हिंसा, भ्रूण हत्या, शिक्षा से वंचित रखना, बेटा पैदा करने के लिए अनुचित दबाब देना, आर्थिक हिंसा, मनोवैज्ञानिक हिंसा आदि विषयों पर जानकारी दी गयी। उपस्थित महिलाओं द्वारा शपथ ली गयी कि अपने परिवार, समाज एवं देश की महिलाओं के साथ होने वाली लैंगिक हिंसा का हमेशा विरोध करूंगी। महिलाओं की अस्मिता को धुमिल करने वाले किसी भी कृत्य में प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से मेरी भागीदारी नहीं होगी। साथ हीं महिला उत्पीड़न का कोई मामला मेरे संज्ञान में आने पर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करवाना सुनिश्चित करूंगी। उपस्थित महिलाओं द्वारा संकल्प लिया गया कि इस सन्देश को घर- घर पहुँचाएंगी एवं टॉल फ्री न. - 181 की जानकारी देंगी। इस अवसर पर उपस्थित चाइल्ड लाइन दरभंगा के केन्द्र समन्वयक श्रीमती अराधना कुमारी द्वारा लैंगिक भेदभाव को समझाया गया एवं पुरूषों के जेन्डर संवेदीकरण करना एवं लैंगिक हिंसा के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में सच्चिदानंद झा, पंकज कुमार चौधरी, शिव प्रसाद, शिव गंगा देवी, बॉबी कुमारी आदि ने भाग लिया।
   होली  क्रॉस स्कूल - 31वाँ दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता
                    दरभंगा प्रेस क्लब का उद्घाटन - 2025
                             बिहार पुलिस सप्ताह 2025
              पुलिस पुरस्कार समारोह (दरभंगा) - 2024
SN Sarraf Hospital Darbhanga
SN Sarraf Hospital Darbhanga Press Conference
         दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल - पुरस्कार समारोह

23.02.2024 23.02.2024 (दरभंगा) छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम में 90 यूजी और 24 पीजी गोल्ड मेडल बांटे गए। डॉ आसिफ शाहनवाज के नेतृत्व में पूरी तरह से गढ़े हुए आयोजन मैं छात्रों और विभागों के उम्मीदें परवान चढ़ती हुई नजर आई। दिन रात की परिश्रम को सोने के मेडल में बदलते हुए देखकर छात्रों के दिल उछल गए। विभागाध्यक्षों और स्पॉन्सर की मौजूदगी में प्राचार्य और अधीक्षक द्वारा गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
                      मिथिला हाट - अररिया संग्राम
                      होली क्रॉस स्कूल समारोह - 2022
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डॉ त्यागराजन एस एम चैंपियन डीएम बने

10.08.2021 (दरभंगा) : सीएम नीतीश कुमार द्वारा बिहार में 01 जुलाई से 06 माह में 06 करोड़ वयस्कों को लगेगा टीका टीकाकरण महाअभियान चलाया जा रहा है। दरभंगा जिला में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम की निगरानी एवं अनुश्रवण में चलाए जा रहे टीकाकरण महाअभियान दरभंगा में 06 माह में लगेगा 26 लाख वयस्कों को टीका के तहत दरभंगा जिले के सभी प्रखण्डों एवं शहरी स्थाई टीकाकरण केन्द्र ने सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक दरभंगा के 9 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग, बिहार द्वारा कोविड-19 टीकाकरण महाअभियान की राज्य स्तरीय समीक्षा में कोविड 19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में सर्वाधिक उत्कृष्ट कार्य के लिए दरभंगा के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम को चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि पटना व पूर्वी चंपारण के डीएम को भी चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजा गया है।
डीएम को कोविड-19 टीकाकरण में शानदार प्रदर्शन एवं सफल संचालन हेतु मिला प्रमाण पत्र

10.08.2021 (पटना) : डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह को कोविड-19 टीकाकरण के सुगम, सुचारू एवं सफल संचालन करने तथा शानदार प्रदर्शन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए हैं। जिला के इस महत्वपूर्ण एवं शानदार उपलब्धि के लिए अधिकारियों कर्मियों मीडिया कर्मियों एवं बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई दी है तथा उनके द्वारा किए गए कार्य को अद्वितीय एवं अविस्मरणीय बताया गया। दूसरी ओर डीएम ने इसे अधिकारियों कर्मियों एवं जिलावासियों के समन्वित प्रयास तथा पूरी टीम का सम्मान एवं प्रतिफल बताया है।
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04.07.2019 (दरभंगा): दिल्ली में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर दरभंगा सहित मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न ज्ञापन सौंप रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।
                        बिहार पुलिस सप्ताह - 2019
दरभंगा : एसएसपी बाबू राम के नेतृत्व में बिहार पुलिस सप्ताह 22 फरवरी से 27 फरवरी के अंतर्गत कई कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिसमे स्कूली बच्चों द्वारा रन फॉर पीस, पेंटिंग प्रतियोगिता, ऑटो चालकों के द्वारा जागरूकता रथ आदि। सभी कार्यक्रम का थीम था नशामुक्त हो समाज, ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
Lalit Narayan Mithila University
                          गणतंत्र दिवस - 2019
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2018
विशेष प्रोफ एस. के. सिंह, कुलपति, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
प्रोफेसर एस के सिंह ने दरभंगा ऑनलाइन के साथ शिक्षक प्रशिक्षण के लिए यूनिसेफ के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताछर और विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा में डिजिटल मोड के माध्यम से सामग्री के वितरण के बारे मे बात की.
                             पटना एसएसपी मनु महाराज


पटना एसएसपी मनु महाराज - साइकिल एक तरफ जहां स्वास्थ के लिए अच्छा है वहीं एक आम आदमी के भेष मे होने से बहुत सारी ऐसी बातों का पता लगता हैं जिससे की पोलिसिंग बेहतर करने मे मदद मिलती है.
                 मानस बिहारी वर्मा को पद्मश्री सम्मान


दरभंगा के निवासी, मानस बिहारी वर्मा, तेजस के पूर्व कार्यक्रम निदेशक, भारत के पहले स्वदेशी बहु-भूमिका सुपरसोनिक लड़ाकू विमान को उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।.
विशेष मिथिला लोक उत्सव २०१७ - दुखी राम रसिया द्वारा मनमोहक प्रदर्शन
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2017
   विग्रहपुर मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे जिला पदाधिकारी


28.04.2017 (पटना):विग्रहपुर मोहल्ले मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे भाग लेने पहुँचे जिला पदाधिकारी डॉ संजय कुमार अग्रवाल ने बच्चों को शिखा के लिए प्रोत्साहित किया. जिला पदाधिकारी की उपस्थिति ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और बच्चे काफी उत्साहित हुए.
                        बिहार प्रदेश मारवाड़ी सम्मलेन


23.04.2017 (पटना):बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन एक ऐसी संस्था है जो समाज कल्याण की बिभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय है. इस संस्था को दहेज़ प्रथा उन्मूलन, नशा उन्मूलन आदि बिभिन्न सामाजिक कल्याण के कार्योँ में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए - महामहिम राम नाथ कोविंद ने स्थानीय बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सभागार में आयोजित बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन के खुले अधिवेशन को मुख अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुआ उक्त विचार व्यक्त किये.
         महात्मा गाँधी सत्याग्रह सताब्दी वर्ष का आयोजन


गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत की पहली वास्तविक प्रयोगशाला बनने का सौभागय बिहार की चम्पारण की धरती को प्राप्त है. सत्य और अहिंसा के प्रयोग को आज आचरण में उतारने की आवश्यकता है. जातीयता , धार्मिक रूढ़ियाँ, बाह्याडम्बर, क्षेत्रबाद, संकीर्णता आदि से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानना ही चम्पारण सत्याग्रह के सताब्दी आयोजन की सही सार्थकता होगी. - महामहिम राज्यपाल श्री राम नाथ कोविंद।