April 30, 2023

28.04.2023 (दरभंगा) : हिन्दी काल- परंपरा अत्यंत लंबी है, जिसमें पहले से ही संगीतात्मकता दिखती है जो भक्तिकाल में ज्यादा बढ़ गई।19वीं सदी के पहले और बाद के हिन्दी काव्य के स्वरूप में काफी बदलाव आया। हिन्दी को प्रारंभ से ही लोकभाषा का बड़ा आधार मिला, जिसमें लोकभाषाओं के शब्दों के आने से गीतात्मकता का आना स्वभाविक ही है। उक्त बातें सी एम कॉलेज, दरभंगा के हिन्दी विभाग के तत्वावधान में "हिन्दी काव्य- परंपरा में संगीतात्मकता" विषयक कार्यशाला ने मुख्य वक्ता के रूप में महाविद्यालय के पूर्व हिन्दी- प्राध्यापक डा अविनाशचन्द्र मिश्र ने कही।
उन्होंने कहा कि हिन्दी- काव्य की काव्यात्मकता एवं संगीतात्मकता व्यक्ति में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सक्षम है। विद्यापति, जयदेव, मीरा, सूर व तुलसी आदि के काव्य संगीतात्मकता के कारण ही अधिक प्रसिद्ध हुए हैं। वहीं सूफी संतों की रचनायें गीतात्मकता के कारण ही अधिक प्रभावकारी एवं लोकप्रिय हुआ। उन्होंने कहा कि यदि रामकथा वाचक भी पदों को गाते हैं तो वे अधिक लोकप्रिय हो जाते हैं। अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाचार्य डा अशोक कुमार पोद्दार ने कहा कि कविता के साथ संगीत के जुड़ने से जनमानस में अधिक भावात्मक लगाव उत्पन्न होता है। संगीत के माध्यम से शब्द दिलों कि अधिक गहराई तक पहुंचते हैं। हिन्दी अत्यंत समृद्ध भाषा है, जिसकी स्थिति काफी मजबूत हुई है। ज्ञानार्जन में भाषा कोई बाधक नहीं हो सकती। हमें सिर्फ अंग्रेजी की औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर निकलने की जरूरत है।
डॉ पोद्दार ने कार्यशाला आयोजन के लिए हिन्दी विभाग एवं हिन्दी साहित्य परिषद् , सी एम कॉलेज के सदस्यों को बधाई एवं धन्यवाद दिया। विशिष्ट अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय संस्कृत विभाग के प्राध्यापक डा आर एन चौरसिया ने कहा कि भक्ति का एक सशक्त माध्यम संगीत हमारे मन- मस्तिष्क तथा व्यवहार को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। संगीतात्मक हिन्दी- काव्य हर तरह के व्यक्ति को सार्वदेशिक एवं सार्वकालिक रूप से सर्वाधिक प्रभावित करता है। ऐसे काव्यों की रचना एवं श्रवण से सामाजिक समरसता मजबूत होती है और आलस्य, ईर्ष्या, द्वेष, भय, निराशा तथा क्रोध आदि नकारात्मक भाव भी दूर होते हैं। इनमें संप्रेषणीयता की क्षमता अधिक होती है जो एक मानव को दूसरे से जोड़ता है।
विशिष्ट वक्ता के रूप में आकाशवाणी की कलाकार एवं संगीतज्ञ डा रागिनी ने कहा कि हमें ज्ञानार्जन कर उन लोगों तक पहुंचाना चाहिए जो सामर्थ्यवान नहीं हैं। संगीत में गायन, वादन एवं नृत्य समाहित होते हैं। इस अवसर पर उन्होंने तोरे मिलन की आस लगे रे पिया...., बीते दिन कब आने वाले.... तथा तेरे बिना मेरा जग अंधियारा.... आदि अनेक शास्त्रीय एवं लोकगीतों का कर्णप्रिय गायन किया, जिनका तबलावादक के रूप में ऋग्वेद झा ने भरपूर सहयोग किया।
हिन्दी के प्राध्यापक डा अभिषेक सिंह ने कहा कि साहित्य, संगीत व कला के बिना कोई मानव नहीं हो सकता। गीतात्मक कव्यों में रस, आनंद एवं अनुभूति ज्यादा होती है। कालजयी कविता के लिए गीतात्मकता, लोकात्मकता के साथ ही गहरी अनुभूति का होना भी आवश्यक है।
कार्यशाला में डा प्रभात कुमार चौधरी, डा अब्दुल हई, डा रूपेन्द्र झा, डा मीनाक्षी राणा, डा अखिलेश कुमार विभू, प्रो संजीव कुमार, डा सऊद आलम, प्रो विकास कुमार, डा फैजान हैदर, डा तनिमा कुमारी, डा शांभवी, डा इब्राहिम, डा उम्मे सलम, अमरजीत कुमार, जूही झा तथा मनजीत कुमार चौधरी सहित 125 से अधिक व्यक्ति उपस्थित थे, जिन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। अतिथियों का स्वागत बुके एवं स्मृतिचिह्न से किया गया। कॉलेज के सेमिनार हॉल में आयोजित कार्यशाला में अतिथियों का स्वागत एवं कार्यक्रम का संचालन कार्यशाला की संयोजिका डा रीता दुबे ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन हिन्दी- प्राध्यापक डा आलोक कुमार राय ने किया।
April 30, 2023

27.04.2023 (दरभंगा) : नेहरु युवा केन्द्र, दरभंगा द्वारा महारानी अधिरानी रामेश्वर लता संस्कृत महाविद्यालय दरभंगा के सभागार में "जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण स्थिरता में युवाओं की सहभागिता" विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन फारूक इमाम, जिला परियोजना अधिकारी-नमामि गंगे, नेहरू युवा केन्द्र, दरभंगा, ऋतू राज, जिला मिशन प्रबंधक, जल-जीवन-हरियाली मिशन, दरभंगा,संदीप कुमार, जिला सलाहकार, जिला जल स्वच्छता समिति, दरभंगा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।
जिला परियोजना अधिकारी-नमामि गंगे फारूक इमाम ने कार्यशाला के उद्देश्य पर उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण स्थिरता विषय पर युवाओं को संवेदनशील बनाकर, उनके व्यवहार में परिवर्तन लाकर जलवायु परिवर्तन के लिए किए जा रहे कार्यों में ज्यादा से ज्यादा युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित कर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का न्यूनीकरण किया जा सके।
जिला मिशन प्रबंधक ऋतु राज ने जल-जीवन-हरियाली मिशन के द्वारा जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में किए जा रहे कार्यों एवं मिशन के सभी अवयव पर विस्तार से चर्चा किया। जिला सलाहकार संदीप कुमार ने जल संरक्षण, धूसर जल प्रबंधन, स्वच्छ भारत अभियान अंतर्गत स्वच्छता से समृद्धि पर विस्तृत प्रकाश डाला एवं उपस्थित युवाओं से अपने-अपने कार्य क्षेत्र में अभियान का नेतृत्व करने का अनुरोध किया।
कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा जल संरक्षण, इसके विवेकपूर्ण इस्तेमाल, जल निकायों को पुनर्जीवित एवं संरक्षित करना, धूसर जल के पुनः उपयोग एवं कैच द रेन, अभियान के संदेश को ग्राम स्तर तक पहुंचाने हेतु सामूहिक रूप से कार्य योजना तैयार कर उसकी प्रस्तुति दी गई एवं आगामी कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा किया। कार्यशाला में राष्ट्रीय युवा स्वंयसेवक मणिकांत, पूजा, दिव्या नाथ, प्रशांत, पंकज, संगीता, उपासना, ज्ञान रंजन, संजय, पुरुषोत्तम, स्पियरहेड सदस्य श्रृष्टि, प्रभा कांत सहित विभिन्न प्रखंड के पचास युवा शामिल रहे।
April 30, 2023
26.04.2023 (दरभंगा) : जिला अभियोजन कार्यालय, दरभंगा द्वारा बताया गया कि आज 26 अप्रैल को बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम-2016 (संशोधित - 2022) की धारा 30(a) के अन्तर्गत अभियुक्त रूना देवी को कमतौल थाना पी.आर संख्या - 145/2022 (जी.ओ - 546/2022) में दोषी करार दिया गया तथा पाँच वर्ष का कारावास एवं एक लाख रुपये जुर्माना की सजा दी गयी। इस मुकदमे के अभियोजन पदाधिकारी विशेष लोक अभियोजक, उत्पाद, दरभंगा, हरे राम साहू हैं।
April 21, 2023

21.04.2023 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन से प्राप्त पत्र के आलोक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, दरभंगा समर बहादुर सिंह द्वारा जिले से सभी कोटि के उच्च विद्यालयों के प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक को पत्र निर्गत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की महत्वकांक्षी योजना 07 निश्चय में से एक निश्चय आर्थिक हल युवाओं को बल अन्तर्गत बिहार स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना एवं कुशल युवा कार्यक्रम योजना का निःशुल्क पंजीकरण एवं दस्तावेजों का सत्यापन जिला स्तरीय कार्यलय जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र, दरगंगा द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि जिले में कुशल युवा कार्यक्रम योजना में आवेदनों की संख्या काफी कम प्राप्त हो रहे हैं, जिससे लक्ष्य के विरूद्ध उपलब्धि में गिरावट निरंतरता बनी हुई है, जो काफी खेद का विषय है। उन्होंने कहा कि आवेदनों की संख्या में निरंतर वृद्धि एवं जिले की रैंकिंग में सुधार हेतु जिला अन्तर्गत सभी सरकारी/गैर सरकारी विद्यालय/महाविद्यालय/ मदरसा/+2 विद्यालयों से अपेक्षित सहयोग की आवश्यकता है।
उक्त के आलोक में उन्होंने सभी संबंधित को निदेशित किया कि पुनः अपने स्तर से सभी +2 विद्यालयों/महाविद्यालयों/मदरसा एवं अन्य सभी संबंधित विद्यालयों से सभी छात्र/छात्राओं को प्रेरित करते हुए कुशल युवा कार्यक्रम में निबंधन एवं दस्तावेजों का सत्यापन जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र से करवाना सुनिचित करेंगें। इसके साथ ही वर्ष 2023 में उत्तीर्ण 12वीं के सभी छात्र/छात्राओं का अंक प्रमाण पत्र/विद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र तभी दिया जाए, जब छात्र/छात्राओं द्वारा कुशल युवा कार्यक्रम में निबंधन एंव दस्तावेजों का सत्यापन जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र, दरभंगा द्वारा करवा लिया हो। वहीं वर्ष 2023 में मैट्रीक उत्तीर्ण विद्यार्थियों का विद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र का वितरण एवं 11वीं में नामांकन उन्ही विद्यार्थियों को दिया जाए, जिन्होंने कुशल युवा कार्यक्रम का निबंधन एवं दस्तावेजों का सत्यापन जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र, दरभंगा द्वारा करवा लिये हो। उन्होंने कहा कि जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र, दरभंगा से प्राप्त पावती रसीद दिखाये जाने के पश्चात ही उपरोक्त प्रमाण पत्र वितरण करें।
April 21, 2023

21.04.2023 (दरभंगा) : अपर समाहर्त्ता-सह-अपर जिला दंडाधिकारी राजेश झा राजा की अध्यक्षता में ईद-उल-फितर पर्व के अवसर पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों को ब्रीफिंग की गई। ब्रीफिंग में बताया गया कि जुम्मे की नमाज से लेकर ईद की नमाज समाप्त होने तक सभी अपने-अपने कर्तव्य स्थल पर तैनात रहकर चौकसी करना सुनिश्चित करेंगे। गश्ती दल को रात्रि में गश्ती करने का निर्देश दिया गया। आसूचना संकलन करने हेतु सभी चौकीदार एवं दफेदार को सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया तथा विगत वर्षों में संप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया गया। नगर पुलिस अधीक्षक सागर कुमार ने कहा कि कहीं भी सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया जाता हैं तो वैसे लोगों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की जाए, इसके लिए दंड प्रक्रिया संहिता में दंडाधिकारी को प्रदत शक्ति का प्रयोग किया जाए। उन्होंने प्रवर को सभी पोस्ट पर स-समय बल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, साथ ही पूरी चौकसी के साथ दायित्व निभाने का निर्देश दिया गया। ब्रीफिंग करते हुए अपर समाहर्ता ने कहा कि जुम्मा के नमाज के उपरांत ईद के नमाज तक सभी दंडाधिकारी मुस्तैदी से अपने कर्तव्य स्थल पर बने रहेंगे तथा आस-पास के क्षेत्र में चौकसी बरतेंगे, किसी भी प्रकार की घटना की सूचना जिला नियंत्रण कक्ष एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी को अतिशीघ्र देना सुनिश्चित करेंगे।
उल्लेखनीय है कि जिला नियंत्रण कक्ष के वरीय प्रभार में अपर समाहर्ता हैं, जिनका मोबाइल नंबर-9473191318 है। उन्होंने कहा कि यदि किसी थाना क्षेत्र में शांति समिति की बैठक नहीं हुई है तो आज ही बैठक कर लें। उन्होंने ऑनलाइन उपस्थित अनुमंडल पदाधिकारी बिरौल एवं अनुमंडल पदाधिकारी बेनीपुर को भी अपने अपने क्षेत्र के प्रमुख मस्जिदों एवं ईदगाह पर चौकसी बरतने के निर्देश दिए। ब्रीफिंग में बताया गया कि कहीं से भी किसी अफवाह की सूचना मिलते ही जिला स्तर पर अवगत कराते हुए, अफवाह फैलाने वाले के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे।
सभी ईदगाहों/मस्जिदों जहां ईद का नमाज अदा किया जाता है, उनका पूर्णतः भौतिक सत्यापन कर लिया जाए तथा वहां तक आने-जाने वाले रास्तों के आस-पास अन्य धार्मिक स्थलों से उस दिन किसी प्रकार का कोई व्यवधान उत्पन्न न हो पाए, यह सुनिश्चित किया जाए।उल्लेखनीय है कि दरभंगा जिले के कुल 410 स्थलों पर दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है, तथा जिला नियंत्रण कक्ष तीन पाली में 24 X 7 घंटे कार्यरत रहेगा, जिसका दूरभाष नंबर-06272-240600 है।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सदर चंद्रिमा अत्री, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, विशेष कार्य पदाधिकारी सत्यम सहाय, वरीय उप समाहर्ता गौरव शंकर एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।