January 18, 2024

17.01.2024 (दरभंगा) : जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार अध्यक्ष श्री विनोद कुमार तिवारी के निर्देश पर क्लेम केस से संबंधित बीमा कंपनियों के अधिवक्ताओं एवं दावाकर्ताओं के अधिवक्ताओं के साथ बैठक किया गया। बैठक की अध्यक्षता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ग्यारह संजय प्रिया ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए एडीजे श्री प्रिया ने कहा कि अधिक से अधिक क्लेम केश का निष्पादन 09 मार्च 2024 को आयोजित होने वाले प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में किया जाना है।बीमा कंपनियों के अधिवक्ता संबंधित कंपनी से संपर्क करें और चयनित दावा वादों की सूची उपलब्ध करायें, ताकि लोक अदालत में उपस्थित के लिए दावाकर्ताओं को नोटिस जारी किया जा सके। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों के अधिकारी और दावाकर्ताओं के बीच प्रि-काउंसलिंग भी कराया जाएगा, ताकि मामले को सुलह समझौता के आधार पर निपटाया जा सके। बैठक में मौजूद अधिवक्ताओं ने निष्पादन योग्य दावा वादों की सूची जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। बैठक में क्लेम के अधिवक्तागण चंद्रधर मल्लिक, हरिवंश कुमार कर्ण, सुरेंद्र कुमार, लाल बहादुर यादव, सुनील कुमार प्रसाद आदि मौजूद थे।
January 18, 2024

16.01.2024 (दरभंगा) : मुख्य सचिव, बिहार के आदेश के आलोक में तथा डीएम राजीव रौशन के निर्देश पर आज दरभंगा जिले के 80 उच्च विद्यालयों में ‘‘शिक्षा संवाद’’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला स्तरीय एवं प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा ‘‘शिक्षा संवाद’’ में शिक्षा विभाग द्वारा संचालित योजनाएँ यथा - मुख्यमंत्री बालक एवं बालिका साईकिल योजना, मुख्यमंत्री पोशाक योजना, मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना, मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना, बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री प्रोत्साहन छात्रवृत्ति, योजना, प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, मेधा-सह-आय छात्रवृत्ति योजना, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना, कुशल युवा कार्यक्रम, मिशन दक्ष, विशेष कक्षा, निपुण बिहार, इंस्पायर्ड अवार्ड सहित स्वास्थ्य विभाग एवं श्रम संसाधन विभाग द्वारा बच्चों के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी गई।
January 18, 2024

16.01.2024 (दरभंगा) : समाजिक अधिकारिता मंत्रालय एवं सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कार्यालय दरभंगा द्वारा बीकेडी जिला स्कूल के सभागार में नशा मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीएम राजीव रौशन के द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्रीमती प्रतिभा रानी, संयुक्त निदेशक जन-संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता,जिला शिक्षा पदाधिकारी समर बहादुर सिंह,सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा सुश्री नेहा कुमारी ने दीप प्रज्वलन में सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएमने कहा कि पूरे देश में एक ऐसा माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें वर्तमान एवं भावी पीढ़ी के लिए नशा का कोई स्थान नहीं हो।
उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में इस बात की विशेष व्यवस्था की गई है कि राज्य नशीले एवं मद्यपान सेवन को प्रोत्साहित नहीं करेगा और ऐसा प्रयत्न करेगा कि भारत की जनता व भावी पीढ़ी इस बुराई से सदैव दूर रहेगा। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने मद्यनिषेध अभियान चला रखा है, यहाँ मद्यपान पूर्णतः प्रतिबंधित है और इसके अच्छे परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। हमारे देश के महानायकों ने ऐसा संकल्प लिया था कि हम भारत को ऐसा देश बनाएंगे, जो विकास के मार्ग पर चलेगा और जिसमें नशे के लिए कोई स्थान नहीं होगा। नशे की बुराई के संबंध में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने कहा कि नशा मनुष्य से सोचने समझने की शक्ति को क्षीण लेता है।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि हमारे वर्तमान एवं भावी पीढ़ी युवाओं के बीच नशामुक्ति संदेश जाए, वे नशामुक्त भारत बनाने के लिए कृत संकल्पित हो और सब लोग मिलजुलकर समाज का माहौल बदले ताकि समाज मे किसी प्रकार का नशा कोई न करे। इस अवसर पर उन्होंने सभी को शपथ दिलाई की नशा मुक्त भारत बनाने के लिए सभी लोग कोशिश करेंगे जिसमें अस्पृश्यता या शराब और दूसरी नशीली चीजों के लिए कोई स्थान नहीं होगा। साथ ही न वे स्वयं नशा का सेवन करेंगे, न किसी परिचित को नशा का सेवन करने के लिए प्रेरित करेंगे। नशे के कारोबार को रोक कर नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करेंगे तथा स्वयं को, अपने घर को, समाज को तथा राष्ट्र को नशा मुक्त बनाने का सपना साकार करेंगे।
January 14, 2024

14.01.2024 (दरभंगा) : बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, दरभंगा जिला कार्यसमिति की विस्तारित बैठक सदर प्रखंड परिसर के सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से, विगत दिनों औरंगाबाद में हुए राज्य सम्मेलन में प्रस्तुत विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें, सेवानिवृत्त पत्रकारों के लिए नियम व शर्तों को लचीला बनाते हुए पत्रकार पेंशन योजना की राशि 6 हजार से 20 हजार किए जाने और पत्रकार बीमा योजना की राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख किए जाने की मांग की गई, जिसमें सरकार का अंशदान 80 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 प्रतिशत हो। साथ ही,पत्रकार आवास योजना हेतु 30 लाख तक के ऋण की व्यवस्था की मांग की गई, जिसके ब्याज की राशि राज्य सरकार वहन करे।
साथ ही, पत्रकार सुरक्षा एक्ट लागू करने, प्रखंडो में पत्रकारों से सूचनाओं के आदान प्रदान हेतु सूचना अधिकारी नियुक्त किए जाने सहित कुल 23 बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार से मांग की गई। बैठक में बतौर मुख्य अतिथि प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली के पूर्व महासचिव नदीम अहमद काजमी ने कहा कि पत्रकारों को अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए एकजुट होना होगा। पत्रकारिता के इस चुनौतीपूर्ण दौर में सिद्धान्त आधारित पत्रकारिता से ही हम अपनी उपयोगिता सिद्ध कर सकते हैं। उन्होंने प्रेस क्लब की चर्चा करते हुए कहा कि यह एक ऐसा प्लेटफार्म है जिसके माध्यम से हम अपनी आपसी एकजुटता बढ़ा सकते हैं।
आवश्यकता है कि प्रेस क्लब को बिहार में प्रदेश स्तर से लेकर जिला स्तर तक सक्रिय किया जाए। उन्होंने इसे लेकर पत्रकारों के बीच कई अहम सुझाव भी दिए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अमरेश्वरी चरण सिन्हा ने कहा कि बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन समय समय पर विभिन्न मुद्दों को लेकर शासन- प्रशासन के समक्ष अपनी मांगे रखते आया है और हमारा यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा। इस मौके पर बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के नवगठित प्रदेश कार्यकारणी में दरभंगा से जिला महासचिव शशि मोहन भारद्वाज को शामिल किए जाने पर हर्ष प्रकट करते हुए उनका अभिनन्दन किया गया।
इस बैठक में पत्रकार पुनीत कुमार सिन्हा, सुनील कुमार मिश्रा, मुकेश कुमार, शशि भूषण चौधरी, आशीष सिंह, रतन कुमार झा, फ़िरदौस अली, आर्या शंकर, सज्जाद अहमद खान, राजीव रंजन, संतोष सिंह,राजन कुमार, राकेश कुमार, मनोज कुमार झा, वीरेंद्र कुमार, संजय कुमार सहित कई पत्रकार मौजूद थे। आरम्भ में जिला उपाध्यक्ष संजीव कुमार ने सभी का स्वागत किया। सचिव प्रवीण कुमार चौधरी बैठक का संचालन कर रहे थे। कार्यालय प्रभारी मनोज कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। बैठक के पश्चात मकरसंक्रांति के मौके पर सभी लोग यूनियन द्वारा आयोजित दही चुरा और तिल के सामूहिक भोज में शामिल हुए।
January 14, 2024

13.01.2024 (दरभंगा) : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग के तत्वावधान में "पशु संसाधन : महत्ता, क्रूरता एवं कल्याण" विषय पर आमंत्रित व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें सुजीत कुमार चौधरी, डा अनुरंजन, डा आर एन चौरसिया, डा मनुराज शर्मा, डा रश्मि शिखा, डा ममता स्नेही तथा डा सुनील कुमार सिंह आदि ने महत्वपूर्ण विचार रखें। व्याख्यान में 60 से अधिक विभागीय छात्र- छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया ।
मुख्य वक्ता के रूप में अपने व्याख्यान में जनचेतना अभियान और आंदोलन अनुसंधान संस्थान, पटना के कार्यकारी अध्यक्ष सह सोशल एक्टिविस्ट सुजीत कुमार चौधरी ने कहा कि शाकाहार भोजन ही मानव का प्राकृतिक एवं वास्तविक भोजन है। इंसानियत के नाते हमें पशुओं से स्नेह करना चाहिए। युवाओं से बदलाव की ज्यादा उम्मीद की जाती है। जनजागरूकता, सामाजिक जिम्मेदारी तथा पशुओं के प्रति संवेदनशीलता से उनके प्रति क्रूरता को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम- 1960 की धारा 428 एवं 29 के अंतर्गत 7 वर्ष की सजा तथा आर्थिक दंड का प्रावधान है। पशु क्रूरता निवारण समिति 2001 में गठित की गई थी। सभी जिला में गठित समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी, उपाध्यक्ष जिला पुलिस पदाधिकारी तथा सचिव जिला पशुपालन पदाधिकारी होते हैं।
भूगोल के प्रभारी विभागाध्यक्ष डा अनुरंजन ने विषय प्रवेश करते हुए कहा कि पशु हमारे महत्वपूर्ण संसाधन हैं। अनेक देशों की आमदनी का महत्वपूर्ण संसाधन पशु ही है। बेजुबान पशु हमेशा मानव कल्याण करते हैं, जिनके प्रति हमें संवेदना रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि मनुष्य ने 9 हजार वर्ष पूर्व कुत्ता को पहला पशु बनाया था। फिर घोड़ा, गाय आदि को भी पालतू पशु बनाया गया। सड़कों एवं खेतों में आवारा घूमने वाले पशुओं के प्रति अधिक क्रूरता की जाती है।
विशिष्ट वक्ता के रूप में विश्वविद्यालय के संस्कृत- प्राध्यापक डा आर एन चौरसिया ने कहा कि व्याख्यान का विषय महत्वपूर्ण एवं समसामयिक है। हम पशुओं से अनेक तरह के लाभ लेते हैं तो उनका समुचित देखरेख करना भी हमारा कर्तव्य बनता है। सभ्य सामाजिक प्राणी के रूप में सामाजिक जागरूकता के बल पर हम पशु- क्रूरता को रोक सकते हैं।
हमारी धर्म- संस्कृति एवं साहित्य में "अहिंसा परमो धर्म:"तथा गाय को माता मानते सहित अनेक पशु- पक्षियों को देवताओं के वाहन के रूप मंथ वर्णन कर उनकी महत्ता एवं उनके प्रति कल्याण की भावना दर्शायी गई है। व्याख्यान में संस्कृत- प्राध्यापिका डा ममता स्नेही आदि ने भी विचार रखें। छात्र- छात्राओं की ओर से विषय से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे गए, जिनका समुचित उत्तर विशेषज्ञों के द्वारा दिया गया। विभागीय प्राध्यापक डा मनुराज शर्मा के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में अतिथि स्वागत डा रश्मि शिखा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डा सुनील कुमार सिंह ने किया।