June 02, 2019

01.06.2019 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा आज सुबह दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्तपाल का औचक निरीक्षण किया गया। उन्होंने बारी-बारी से इमरजेंसी वार्ड एवं सभी ओ.पी.डी., फार्मेसी आदि में जाकर वहाँ के क्रियाकलाप का निरीक्षण किया एवं वहाँ उपस्थित चिकित्सकों/कर्मियों को सेवा में सुधार लाने का निर्देश दिया। सबसे पहले वे आपालकालीन चिकित्सा वार्ड गये जहाँ एक डॉक्टर अनुपस्थित पाये गये। उसके बाद ओ.पी.डी. मेडिसीन, ओ.पी.डी. सर्जरी, ओ.पी.डी. ऑर्थोपेडिक, ओ.पी.डी., EYE एवं ENT, ओ.पी.डी. पेडियेट्रिक(शिशु विभाग), ओ.पी.डी. डेन्टल, ओ.पी.डी. साईकेट्रि(मनोरोग) आदि वार्डों में जाकर वहाँ पर उपलब्ध चिकित्सीय व्यवस्था का अवलोकन किया। डी.एम.सी.एच में पूर्वाह्न 09ः30 बजे तक कुल 784 मरीज का निबंधन हुआ था। डी.एम.सी.एच. के ओ.पी.डी. रोस्टर ड्युटी के अनुसार कई वार्डों में कुल 15 चिकित्सक अनुपस्थित पाये गये। जिसमें इमर्जेसी वार्ड में 01 चिकित्सक, ऑर्थोपेडिक में 01 चिकित्सक, सर्जरी में सबसे ज्यादा 07 चिकित्सक, EYE वार्ड में 01 चिकित्सक, मनोरोग वार्ड में 01 चिकित्सक एवं डेन्टल वार्ड में 04 चिकित्सक शामिल हैं। डीएम द्वारा इसे स्वास्थ्य सेवा में एक बड़ी लापरवाही मानते हुए अनुपस्थित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण पूछने एवं उनके एक दिन दिनांक 01/june/2019 के वेतन भुगतान पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। डीएम ने अस्पताल अधीक्षक को डी.एम.सी.एच. के सभी वार्डों में डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने को कहा है। उन्होंने डी.एम.सी.एच. के ओ.पी.डी. में डॉक्टर एवं पारा मेडिकल स्टाफ को ठीक 08ः00 बजे पूर्वाह्न उपस्थित हो जाने का निदेश दिया है। ओ.पी.डी. में ही डॉक्टर, पारा मेडिकल स्टाफ को उपस्थिति पंजी में हाजरी अंकित करने का निदेश दिया गया है। अस्पताल अधीक्षक को कहा गया कि डॉक्टरों के रोस्टर ड्यूटी स्पष्ट होनी चाहिए।
June 02, 2019

01.06.2019 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. के निदेशानुसार सभी प्रखण्डों के वरीय प्रभारी ने आज अपने आवंटित प्रखण्ड क्षेत्र का भ्रमण कर उक्त प्रखण्ड में क्रियान्वित किये जा रहे नल-जल योजना, गली-नाली योजना, इंदिरा आवास योजना, शौचालय निर्माण योजना सहित बाढ़ पूर्व तैयारी का निरीक्षण किया। निरक्षणोपरान्त सभी अधिकारियों द्वारा डीएम को निरीक्षण प्रतिवेदन समर्पित किया गया। डीएम द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से संबंधित प्रखण्डों के बीडीओ से वरीय पदाधिकारी के निरीक्षण प्रतिवेदन में उठाए गये बिन्दुओं के बारे में सवाल-जबाव किया। डीएम द्वारा सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को सरकार के सात निश्यय योजनाओं का तीव्र गति से क्रियान्वित कराने का निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि 10 जून तक सभी प्रखण्डों में हर हाल में गली-नाली योजना का कार्य प्रारंभ कर दी जाय। उन्होंने नल-जल योजना के कार्य में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि जहाँ जल संकट है वहाँ बोरिंग कराकर तुरंत स्टैड पोस्ट लगाकर पानी की आपूर्ति प्रारंभ कर दी जाय एवं साथ-साथ पाइप बिछाने का भी कार्य जारी रखा जाय। प्रधानमंत्री आवास योजना के निरीक्षण में यह आम बातें सामने आयी कि लक्ष्य के विरूद्ध स्वीकृत योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षाकृत प्रगति नहीं हुई है। लाभुकों को प्रथम किस्त के भुगतान में भी काफी अंतर पाया गया। डीएम ने स्वीकृत योजनाओं के लाभुकों को प्रथम किस्त एवं द्वितीय किस्त का भुगतान करने एवं जियो टैगिंग कराने का निदेश दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास सहायकों के द्वारा शिथिलता बरते जाने की शिकायतें प्राप्त होने पर डीएम ने खराब प्रदर्शन करने वाले आवास सहायकों को पदमुक्त कर देने का निदेश उप विकास आयुक्त को दिया।
लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के अन्तर्गत निर्मित शौचालयों के लाभार्थियों को भुगतान में भी काफी कमी पायी गई। डीएम ने निर्मित शौचालयों की जियो टैगिंग कराकर तीव्र गति से भुगतान कराने का निदेश दिया। कई जनप्रतिनिधियों द्वारा आज के निरीक्षण में शिकायत किया गया कि प्रखण्ड समन्वयकों द्वारा शौचालय निर्माण के जियो टैगिंग एवं भुगतान की कार्रवाई करने में विलंब किया जा रहा है। जिसमें बिरौल प्रखण्ड के प्रखण्ड समन्वयक के विरूद्ध ज्यादा शिकायतें प्राप्त होने की बात सामने आयी। डीएम ने बी.डी.ओ. को उक्त बी.सी. के विरूद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज करने का निदेश दिया। कुशेश्वरस्थान पूर्वी के बी.डी.ओ. बिना पूर्व सूचना वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से अनुपस्थित पाये गये, उनके विरूद्ध स्पष्टीकरण पूछने एवं उनका एक दिन का वेतन बंद करने का निदेश दिया गया। कुशेश्वरस्थान पूर्वी के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के विरूद्ध भी कई शिकायते प्राप्त हुई।
डीएम ने अनुमण्डल पदाधिकारी, बिरौल को उक्त सी.डी.पी.ओ. के विरूद्ध जाँच कर प्रतिवेदन देने का निदेश दिया गया। इसके पूर्व डीएम ने हनुमाननगर प्रखण्ड में स्वयं बैठक कर योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने जल संकट ग्रस्त पंचोभ पंचायत में पुराने चापाकलों में सिलेण्डर लगाकर तुरंत मरम्मति कराने का निदेश दिया। बाढ़ पूर्व तैयारी के मद्देनजर सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी एवं वरीय प्रभारी पदाधिकारी को बाढ़ प्रणव प्रखण्डों में नाव की उपलब्धता सुनिश्चित कर लेने को कहा है। इसके साथ ही पर्याप्त संख्या में शरण स्थली का निर्माण करा लेने एवं आपदा विभाग के एस.ओ.पी. के तहत शरण स्थली में सारी आवश्यक सुविधाएँ विकसित कर लेने का निदेश दिया गया।
उक्त समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त डॉ. कारी प्रसाद महतो, अपर समाहर्त्ता विभागीय जाँच वीरेन्द्र प्रसाद, जिला पंचायती राज पदाधिकारी शत्रुध्न कामति, डी.सी.एल.आर. सदर पुष्पेश कुमार, वरीय उप समाहर्त्ता उमाकान्त पाण्डेय, जिला योजना पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी समीर कुमार, सहायक निदेशक समाजिक सुरक्षा रवि शंकर तिवारी, जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी एवं अन्य प्रभारी पदाधिकारी उपस्थित थे।
May 29, 2019

29.05.2019 (दरभंगा) : मुख्य सचिव, बिहार, दीपक कुमार ने कहा कि दरभंगा जिले में भूगर्भ जलस्तर के नीचे चले जाने के चलते जिला के कुछ क्षेत्रों में पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। पानी की समस्या को दूर करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा प्रयास किये जा रहे है, लेकिन इस कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में जिस गाँव/टोले/वार्डों में पानी की कमी हो गई है वहाँ किसी भी सूरत में पानी पहुँचाई जाये। जहाँ बोरिंग नहीं हो पाया है अथवा पाइप लाइन नहीं बिछाया जा सका है उन वार्डों में टैंकर के जरिये पानी पहुँचाई जाये। उन्होंने कहा कि पानी की कमी नहीं होनी चाहिए बल्कि इतना पानी उपलब्ध कराया जाये जिससे लोगों की जरूरतें पूरी हो जाये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सात निश्चय में हर घर नल का जल सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार ने 2022 तक हर घर को पाइप के जरिये शुद्ध पेयजल उपलब्ध करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस योजना पर कार्य चल रहा है।
उन्होंने दरभंगा के जल संकट वाले वार्डों में अभियान चलाकर नल-जल योजना का क्रियान्वयन करने का निदेश दिया। उन्होंने उक्त बातें समाहरणालय स्थित सभागार में जिला में वर्तमान जल संकट पर आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि दरभंगा जिला के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थित पोखर/आहर पैन/चैक डैम आदि का जीर्णोंद्धार करायी जाये। इससे वर्षा के पानी का संचयन करने में सहुलियते होगी।
डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा वीडियो प्रोजेक्टर पर जल संकट के समाधान हेतु किये गये प्रयासां का पावर प्वाइंट प्रजेटेंशन दिखाया गया। डीएम ने बताया कि शहर में अवस्थित सरकारी पोखरों का सर्वेक्षण कराया जा रहा है। वहीं गाँव/टोलों में अवस्थित पोखर/नहर आदि की उड़ाही का कार्य किया जा रहा है। 1.5 इंच वाले पुराने खराब चापाकलों को सिलेंडर लगाकर मरम्मति का कार्य कराया जा रहा है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 50 टैंकरों से 03-04 ट्रिप में पानी की आपूर्त्ति की जा रही है। डीएम ने बताया कि जिस वार्ड में नल-जल योजना के तहत पाइप नहीं बिछाया गया है वहाँ अबतक 288 स्टैड पोस्ट लगाकर पानी की आपूर्त्ति की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रो में 250 नये चापाकल गाड़े गये हैं और 68 शैलो ट्यूबवेल को सिलेंडर लगाकर कनवर्जन किया गया है। शहरी जलापूर्त्ति योजना के तहत बुडको द्वारा 05 प्रोजेक्ट पूरा कर लिया गया है और छठे प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा है। मुख्य सचिव द्वारा जिला प्रशासन के प्रयास पर संतोष व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि जल संकट के समाधान हेतु यहाँ अच्छा कार्य किया गया है। प्रशासन द्वारा जरूरतमंद लोगों को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है जो प्रशंसनीय है।
मुख्य सचिव द्वारा बताया गया कि दरभंगा जिला में भूगर्भ जलस्तर का नीचे जाना भविष्य के लिए चेतावनी है। इसके लिए वाटर हार्वेस्टिंग एकमात्र विकल्प है। उन्होंने सभी घरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू कराने को कहा। नगर निगम क्षेत्र के सभी मकान मालिकां को इस बावत नोटिस दी जायेगी। अगर तय समय पर वे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित नहीं करेंगे तो उनके विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी। मुख्य सचिव ने जल संचयन के लिए तालाबों/नहर/पैन आदि का उड़ाही कर भिंडा पर पौधारोपन कराने का सुझाव दिया। इससे पानी एवं पर्यावरण दोनों संतुलित रहेंगे। समीक्षा में पाया गया कि अधिकांश तालाबों पर अतिक्रमण कर लिया गया है। मुख्य सचिव ने अभियान चलाकर तालाबों पर के अतिक्रमण को हटाने का निदेश दिया। इसके पूर्व मुख्य सचिव के साथ आये वरीय अधिकारियों द्वारा जिला के विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर वहाँ क्रियान्वित किये गये योजनाओं का निरीक्षण किया गया और आम लोगों का फीडबैक भी लिया गया।
अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद ने बताया कि उन्होंने जाले प्रखण्ड के अहियारी दक्षिणी/अहियारी उत्तरी/ब्रह्मपुर पंचायत का भ्रमण कर विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने पोखर के उड़ाही के बाद उसका रख-रखाव हेतु स्थानीय लोगों की टीम बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वृद्धजन पेंशन सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के बारे में लोगों को अच्छी जानकारी है। प्रधान सचिव, कृषि सुधीर कुमार ने बताया कि वे हायाघाट प्रखण्ड के मल्लीपुर पंचायत का भ्रमण किये। वहाँ कुछ किसानों द्वारा शिमला मिर्च एवं पान की अच्छी खेती की जा रही है लेकिन आम किसानों में सरकार की योजनाओं की जानकारी का अभाव पाया गया। इसके चलते वे योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं।
वहीं प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग चैतन्य प्रसाद द्वारा बताया गया कि उन्होंने नगर निगम क्षेत्र में बुडको द्वारा क्रियान्वित किये जा रहे योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने और अधिक स्टैड पोस्ट बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहर में प्लास्टिक के थैले अभी भी प्रचलन में है जिस पर रोक लगाने हेतु ठोस कार्रवाई की आवश्यकता बताया गया।
सचिव पी.एच.ई.डी. जितेन्द्र श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि वे जिला के सबसे अधिक जल संकट वाले प्रखण्ड बहादुरपुर के खराजपुर पंचायत में पी.एच.ई.डी. के द्वारा क्रियान्वित किये गये योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि नये चापाकलों को गाड़ने के जगह पुराने शैलो ट्यूबवेल को सिलेडर लगाकर ज्यादा से ज्यादा चापाकलों की कनवर्जन करने से पानी की समस्या का जल्दी समाधान हो सकेगा। उन्होंने कहा कि वार्ड परिषद् को तकनीकी जानकारी नहीं है इसके चलते योजनाओं का क्रियान्वयन में अड़चने आ रही है। वहीं उन्होंने योजनाओं के गुणवत्ता की भी जाँच कराने की बात कहा।
आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा मयंक बरबड़े ने बताया कि जिला में मनरेगा(ग्रामीण) योजना के तहत पोखर उड़ाही, नहर उड़ाही, चेक डैम का निर्माण आदि कार्य कराया जा रहा है। लेकिन मनरेगा जॉब कार्डधारी का निर्धारित मजदूरी अपेक्षा कृत कम होने से कार्य कराने में दिक्कते पेश होने की बात बताई गई। मुख्य सचिव ने कहा कि उन्होंने स्वयं भी बेनीपुर प्रखण्ड के कुछ पंचायतों का भ्रमण किया और आमलोगों से सरकारी योजनाओं के बारे में फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि जिला के आमलोगों में सरकारी योजनाओं के प्रति संतुष्टि पाई गई। इस समीक्षा बैठक में दरभंगा प्रमण्डल एवं जिला मुख्यालय के सभी विभागों के पदाधिकारी सम्मिलित हुए।
May 29, 2019

28.05.2019 (दरभंगा) : जिला के कुछ क्षेत्रों में जल स्तर के नीचे चले जाने के चलते पानी की कमी हो गई है और जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जिला प्रशासन, द्वारा वर्तमान जल संकट के मद्देनजर तमाम ऐहितियाती कदम उठाये गये हैं। जल संकट वाले शहरी एवं ग्रामीण वार्डों में बोरिंग में स्टैड पोस्ट लगाकर पानी की आपूर्ति की जा रही है। जिन वार्डों में बोरिंग नहीं थे, वहाँ टैंकर के जरिये पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा जल संकट के लिए किये जा रहे उपायों का स्वंय नियमित अनुश्रवण किया जा रहा है एवं जिला स्तर पर बराबर बैठकें आयोजित कर प्रगति की समीक्षा की जा रही है। दरभंगा जिला के जल संकट की समीक्षा के क्रम में यह बात सामने आया है कि जल संकट का मुख्य कारण भूगर्भ जलस्तर का नीचे चले जाना है एवं जल स्तर का रिचार्ज नहीं हो पाना है। भूगर्भ जल स्तर के रिचार्ज के लिए वर्षा के पानी का तालाबों/नहरों में संचयन सबसे जरूरी है। जल संचयन हेतु तालाबों/कुएँ आदि का महत्त्वपूर्ण स्थान है। जिला प्रशासन द्वारा दरभंगा के शहरी क्षेत्रों में अवस्थित तालाबों का सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया गया है।डीएम ने शहरी क्षेत्रों में अवस्थित तालाबों के सर्वेक्षण हेतु 04 टीम का गठन किया है।
पहला टीम 01 से 12 वार्ड का सर्वेक्षण करेगा। इसके टीम लीडर अंचलाधिकारी, सदर दरभंगा अरूण कुमार सक्सेना बनाये गये है। दूसरी टीम 13 से 24 वार्ड का सर्वेक्षण करेगी। इसके टीम लीडर प्रभारी अंचल निरीक्षक, दरभंगा विनय कुमार ठाकुर बनाये गये है। तीसरी टीम को 25 से 36 वार्ड का सर्वेक्षण का दायित्व दिया गया है। इसके टीम लीटर अंचलाधिकारी, बहादुरपुर कमलेश कुमार बनाये गये है एवं चौथी टीम 37 से 48 वार्ड के तालाबों का सर्वेक्षण करेगी। इसके टीम लीडर प्रभारी अंचल निरीक्षक, बहादुरपुर समीर आचार्य बनाये गये है।
उपरोक्त टीमों को चार कार्य करना है, जिसमें सरकारी तालाबों को चिन्ह्ति करना, उक्त सरकारी तालाबों पर अगर अतिक्रमण है तो इसका रिपोर्ट बनाना, यदि किसी सरकारी सरकारी तालाब का स्वरूप बदल गया है तो उसे चिन्ह्ति करना एवं सभी सरकारी तालाबों की पैमाईश कराना शामिल है। डीएम द्वारा सभी टीमों को एक सप्ताह के अंदर प्रतिवेदन देने हेतु निर्देश दिया गया है। वहीं तालाबों का सर्वेक्षण करने हेतु गठित टीमों के कार्य प्रगति का नियमित अनुश्रवण करने हेतु क्रमशः उप नगर आयुक्त कमलनाथ झा तथा नगर प्रबंधक, दरभंगा नागमणि को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। डीएम ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को सौपे गये कार्य का नियत समय में पूरा कर प्रतिवेदन देने हेतु निदेशित किया है।
May 26, 2019

23.05.2019 (दरभंगा) : दरभंगा लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी गोपालजी ठाकुर भारी मतों से विजयी हुए। उन्होंने 267979 वोटों से जीत कर रिकॉर्ड कायम किया। जीत की खबर सुनते ही बीजेपी कार्यकर्ताओं में खुशियों का माहौल बना रहा। खूब पटाखे फोड़े व मिठाइयां बाटीं। मतगणना पुरे होने के बाद डीएम डॉo त्यागराजन एस.एम. ने गोपालजी ठाकुर के विजयी होने पर उन्हें प्रमाण पत्र दिया।