September 25, 2020
24.09.2020 (दरभंगा) : राज्य परिवहन प्राधिकार, बिहार पटना द्वारा जनहित व वाहन स्वामियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संपूर्ण भारत पर्यटन परमिट निर्गत करने की शक्ति क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार, दरभंगा को प्रत्योजित की गई है। राज्य परिवहन प्राधिकार, बिहार के उक्त निर्णय के पश्चात जिले के वाहन स्वामियों को संपूर्ण भारत पर्यटन परमिट प्राप्त करने हेतु अब पटना की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। क्षेत्र के वाहन स्वामियों को अब क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार, दरभंगा के काउंटर पर सुगमता पूर्वक पर्यटन परमिट मिल सकेगी। ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के लिए वर्तमान में विहत शुल्क की राशि 20,000 रुपये है।
September 18, 2020

16.09.2020 (दरभंगा) : डीएम डॉ त्यागराजन एस.एम ने आज समाहरणालय परिसर से राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत राष्ट्रीय पोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर क्षेत्र में रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बच्चों को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुपोषण दूर करने हेतु विशेष रूप से विभाग द्वारा निर्धारित पोषण के पांच सूत्रों को विशेष रूप से जन जन तक पहुंचाने का तथा अति कुपोषित बच्चों की पहचान कर एन.आर.सी में भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र के सभी सेविका टी एच आर का वितरण ससमय करें तथा जो लक्ष्य दिया गया है, उसे पूर्ण करने के लिए जो वांछित कार्य है उसे स-समय करें।
इस अवसर पर उपस्थित जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, समेकित बाल विकास सेवाएं श्रीमती अलका आम्रपाली ने बताया कि कुपोषण मुक्त भारत बनाने के लिए पोषण अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 5 सूत्र बताए गए हैं।
पहला है पहले सुनहरे 1000 दिन : पहले सुनहरे 1000 दिनों में तेजी से बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है। जिसमें गर्भावस्था की अवधि से लेकर बच्चे के जन्म से 2 साल तक की उम्र तक की अवधि शामिल है। इस दौरान बेहतर स्वास्थ्य, पर्याप्त पोषण, प्यार भरा एवं तनाव मुक्त माहौल तथा सही देखभाल बच्चों के पूर्ण विकास में सहयोगी होता है।
दूसरा है पौष्टिक आहार : शिशु जन्म के एक घंटे के भीतर माँ का पीला गाढ़ा दूध बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। अगले 6 माह तक केवल मां का दूध बच्चे को कई गंभीर रोगों से सुरक्षित रखता है। उसके बाद बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक विकास काफी तेजी से होता है। इस दौरान स्तनपान के साथ ऊपरी आहार की जरूरत होती है। घर का बना अर्द्ध ठोस भोजन ऊपरी आहार की शुरुआत के लिए जरूरी होता है।
तीसरा है एनीमिया प्रबंधन : गर्भवती माता, किशोरिया एवं बच्चों में एनीमिया की रोकथाम जरूरी है। गर्भवती महिला को 180 दिन तक आयरन की एक लाल गोली जरूर खानी चाहिए। 10 वर्ष से 19 साल की किशोरियों को सप्ताह में सरकार द्वारा दी जाने वाली आयरन की एक नीली गोली का सेवन करना चाहिए। 6 माह से 59 माह के बच्चों को सप्ताह में दो बार एक मिलीलीटर आयरन सिरप देनी चाहिए।
चौथा है डायरिया प्रबंधन : शिशुओं में डायरिया शिशु मृत्यु का कारण भी बन सकता है। छह माह तक के बच्चों के लिए केवल स्तनपान ऊपर से कुछ भी नहीं डायरिया से बचाव करता है। साफ-सफाई एवं स्वच्छ भोजन डायरिया से बचाव करता है। डायरिया होने पर लगातार ओआरएस का घोल एवं 14 दिन तक जिंक देना चाहिए, एवं
पाँचवाँ है स्वच्छता एवं साफ-सफाई : साफ पानी एवं ताजा भोजन संक्रामक रोगों से बचाव करता है। शौच जाने से पहले एवं बाद में तथा खाना खाने से पूर्व एवं बाद में साबुन से हाथ धोना चाहिए घर में तथा घर के आसपास सफाई रखनी चाहिए। इससे कई रोगों से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस पोषण माह का दो विषय है:- पहला:- अति कुपोषित बच्चों के पहचान और दुसरा :-घर-घर क्यारी, पोषण थाली, जिसके अंतर्गत सभी लोग अपने घर के आस-पास की उपलब्ध जमीन पर दैनिक उपयोग की सब्जियां और फल लगाएं ताकि परिवार में बच्चों और महिलाओं के साथ अन्य सदस्यों को भी पौष्टिक आहार प्राप्त हो सके।
September 18, 2020

15.09.2020 (दरभंगा) : सांसद गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में दरभंगा एम्स की स्वीकृति मिल गयी हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में मोदी जी की नेतृत्व वाली सरकार ने 2015-16 के केंद्रीय बजट बिहार में दूसरे एम्स के निर्माण की घोषणा की थी तथा दूसरे एम्स के निर्माण की स्वीकृति मिथिला के केंद्र दरभंगा में दी गई, जिस पर आज कैबिनेट की मंजूरी मिल गयी। सांसद ने कहा कि मिथिला के केंद्र दरभंगा में बनने वाला एम्स समस्त मिथिलावासियों के लिए वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा कि अपने विधायक काल से ही दरभंगा में एम्स के निर्माण हेतु प्रयासरत रहा हूं और हर एक मंच से दरभंगा में एम्स निर्माण हेतु आवाज उठाया है तथा दरभंगा की जनता के आशीर्वाद से सांसद बनने के बाद प्रथम बार लोकसभा में बोलते हुए दरभंगा में एम्स निर्माण के लिए प्रश्न किया, जिसका विभागीय मंत्री द्वारा सकारत्मक जवाब दिया गया।
सांसद ने कहा की वो लोकसभा में प्रश्न के उपरांत लगातार सभी स्तरों पर इसके निर्माण में आ रहे बाधाओं को दूर करने के लिए प्रयासरत रहे। इसी क्रम बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी से मिलकर डीएमसीएच में 200 एकड़ जमीन देने के लिए आग्रह किया और माननीय मुख्यमंत्री ने तत्काल स्वीकृति दी। वहीं जमीन की उपलब्धता एवं जमीन से जुड़े तकनीकी खामियों को दूर करने हेतु केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे जी ने स्वयं आकर स्थल का निरीक्षण करने का आग्रह किया और मंत्री जी ने स्वयं डीएमसीएच परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि कहा कि मिथिला के केंद्र दरभंगा में 1264 करोड़ की लागत से 750 बेड वाला एम्स बनेगा। आजादी के बाद मिथिला व उत्तर बिहार के लोगों के लिए यह एक बहुत बड़ी सौगात है, जो मोदी जी ने दिया है।
सांसद गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि मिथिला के केंद्र दरभंगा में एम्स का निर्माण होना एक नए अध्याय आरंभ है जिसका लाभ पीढ़ी दर पीढ़ी मिथिला क्षेत्र के लोगों को मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि दरभंगा एम्स, दरभंगा सहित समस्त मिथिला के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होगा जिससे निकट भविष्य में मिथिला क्षेत्र क्रांतिकारी परिवर्तन दिखेगा और विकास की रफ्तार तेज होगी तथा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन होगा, जिससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। श्री ठाकुर ने कहा कि मुझे बहुत प्रसन्नता है कि परम आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ने दरभंगा एम्स निर्माण हेतु स्वीकृति दे दी है। उन्होंने कहा कि दरभंगा में एम्स निर्माण हो जाने से दरभंगा सहित उत्तर बिहार के 22 जिले, पड़ोसी देश नेपाल के 14 जिले एवं पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिले के लोग लाभान्वित होंगे।
September 18, 2020

15.09.2020 (दरभंगा) : अगामी बिहार विधान सभा आम निर्वाचन 2020 के लिए स्वीप अभियान के अंतर्गत मतदान करने हेतु ग्रामीण स्तर पर जीविका दीदीयों द्वारा व्यापक पैमाने पर मतदाता जागरूकता कार्यक्रम चलाकर मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है। कई जीविका समूहों द्वारा मतदान के लिए शपथ ग्रहण का आयोजन तथा कई समूहों द्वारा मेंहदी रचाव प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें सूरज जीविका महिला ग्राम संगठन, हरियठ, समेकित बाल विकास परियोजना, हायाघाट, आदर्श ग्राम संगठन भलपट्टी, बागमती ग्राम संगठन मब्बी, कविता ग्राम संगठन सिंहवाड़ा, रोशनी जीविका ग्राम संगठन ब्रहमपुर पूर्वी, जाले, हाजिअली जीविका अमेठी बेनीपुर एवं बेनीपुर प्रखंड अंतर्गत तरौनी पंचायत जीविका दीदियों द्वारा चुनाव में मतदान करने हेतु शपथ लिया गया। इसी प्रकार सम्पूर्ण जिला में स्वीप अभियान के अंतर्गत जीविका दीदीयों द्वारा ग्रामीण स्तर पर मतदाता जागरूकता कार्यक्रम चलाकर मतदाताओं को मतदान करने हेतु जागरूक किया जा रहा है।
September 18, 2020
14.09.2020 (दरभंगा) : "हिंदी दिवस" के अवसर पर आयुक्त श्री मयंक बरबड़े ने संपूर्ण मिथिला वासियों को हार्दिक बधाई देते हुए जहाँ की हिंदी भाषा संपूर्ण राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने (जोड़ने) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसीलिए हम हिंदी को मातृभाषा की कहते हैं। हम आशा करते हैं कि सभी सरकारी दफ्तरों में सभी विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा सरकारी पत्र एवं संचिका हिंदी भाषा में लिखी जाती है। हमें अपने घर पर एवं सार्वजनिक स्थलों पर सामान्य बोलचाल में हिंदी भाषा का अधिकाधिक प्रयोग करने की आवश्यकता है। पहले यह कहा जाता था कि हिंदी भाषा में तकनीकी विषयों की पुस्तकें उपलब्ध नहीं है लेकिन आज यह भाषा इतनी धनी हो चुकी है कि तकनीकी विषयों के भी लगभग सभी पुस्तकें हिंदी भाषा में उपलब्ध हैं। यहां तक कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में भी हिंदी भाषा से अनेक अभ्यर्थी अच्छे स्थान प्राप्त कर रहे हैं। हिंदी साहित्य को संपन्न बनाने में हमारे लेखकों, कवियों साहित्यकारों और पत्रकारों का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने कहा की हम इस अवसर पर उनके प्रति भी आभार प्रकट करते हैं और उम्मीद करते हैं कि वर्तमान लेखक, साहित्यकार कवि एवं पत्रकारगण भी अपनी सृजनात्मक रचनाओं से इस भाषा को सर्वश्रेष्ठ बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।