December 20, 2020

18.12.2020 (दरभंगा) : धान अधिप्राप्ति को लेकर डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी बैठक से ऑनलाइन जुड़े रहे। डीएम श्री त्यागराजन ने दरभंगा में अब तक केवल एक हजार मैट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति होने को लेकर जिला सहकारिता पदाधिकारी के प्रति नाराजगी व्यक्त की एवं उन्हें मधुबनी के साथ-साथ दरभंगा जिले की अधिप्राप्ति पर भी विशेष ध्यान देने की हिदायत दी। समीक्षा के क्रम में कई प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि चावल मिलों का पैक्सों के साथ टैग नहीं होने के कारण भी पैक्स धान अधिप्राप्ति प्रारंभ नहीं कर रहे हैं।
डीएम ने इसके लिए जिला सहकारिता पदाधिकारी को तत्काल चावल मिलों को सभी पैक्सों से सम्बद्ध करने के निर्देश दिए और कहा की सभी मिलों का सत्यापन भी कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित भूमि सुधार उप समाहर्ता भी अपने अपने क्षेत्र के चावल मिलों का सत्यापन कर लें और सत्यापन के समय का वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करा लें, जिसे अभिलेख में संधारित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी ऐसे मामले संज्ञान में आ चुके हैं, की मील कार्यरत हैं ही नहीं और उसे मिलिंग के लिए शामिल कर लिया गया। उन्होंने प्रखंडवार प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी से धान अधिप्राप्ति की समीक्षा की और जिन प्रखंडों में अभी भी धान अधिप्राप्ति शुरू नहीं की गई है, वहां के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी को चेतावनी देते हुए धान अधिप्राप्ति आज ही से शुरू कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने समीक्षा के क्रम में तारडीह के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी से अब तक धान अधिप्राप्ति शुरू नहीं कराने के लिए स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी को धान क्रय करने के 48 घंटे के अंदर संबंधित किसानों को भुगतान कर देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें किसी किसान से धान के लिए भुगतान न होने की जानकारी मिलेगी, तो संबंधित प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। जाले के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी ने पैक्सों के पास बोरा न होने की बात कही। जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम अभिनव भास्कर ने बताया कि बाजार समिति के बाहर बोरा मिलता है, संबंधित किसान को इसकी जानकारी दी जाए कि बोरा क्रय कर धान उपलब्ध करावें। उल्लेखनीय है कि बोरा की राशि का समायोजन पैक्स द्वारा किया जाता है। हायाघाट के प्रखंड के पतौर में धान अधिप्राप्ति नहीं होने के संबंध में पूछे जाने पर प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि पतौर में बाढ़ आने के कारण धान की पैदावार नहीं हुई है।
सदर प्रखंड के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा दुलारपुर के लिए धान की पैदावार शून्य बताया गया है, लेकिन एक किसान ने अपनी ऊंची जमीन पर वैज्ञानिक तरीके से खेती कर धान की पैदावार की है। डीएम ने कहा कि कारण अंकित करते हुए धान अधिप्राप्ति कर ली जाए। कृषि विभाग का प्रतिवेदन को अंतिम प्रतिवेदन नहीं माना जा सकता है। उन्होंने ऑनलाइन बैठक में उपस्थित सभी अंचलाधिकारी को किसान के रसीद को अद्यतन करने में विलंब न करने के निर्देश दिए तथा प्रखंड विकास पदाधिकारियों को धान अधिप्राप्ति की नियमित समीक्षा करने तथा संबंधित अनुमण्डल पदाधिकारी को प्रत्येक 02 दिन पर धान अधिप्राप्ति की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
December 06, 2020

06.12.2020 (दरभंगा) : सांसद गोपाल जी ठाकुर ने अपने आवासीय कार्यालय पर ग्रामीण कार्य विभाग(आरईओ) के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि इस बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना(पीएमजीएसवाई) के तहत फेज टू के कार्यों की समीक्षा की गई। सांसद श्री ठाकुर ने कहा कि इस बैठक में पीएमजीएसवाई फेज टू के तहत प्रस्तावित सड़कों एवं पुलों से अवगत होते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने की बात कही। उन्होंने पीएमजीएसवाई फेज थ्री के चयन हेतु अधिकारियों दिशा-निर्देश देते हुए कई महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कों को जोड़ने के लिए कहा, ताकि लाखों लोगों को सुविधाजनक यातायात की सेवा का लाभ मिले और आम लोग लाभान्वित हो सके। उन्होंने अधिकारियों से पीएमजीएसवाई फेज थ्री के तहत चिन्हित सड़कों एवं पुलों के सूची को अंतिम रूप देने से पूर्व अवगत कराने हेतु निर्देशित किया ताकि अत्यधिक सघन आबादी होकर गुजरने वाली लम्बी सड़कें इससे वंचित ना हो।
उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई का पूरा-पूरा लाभ दरभंगा वासियों को मिले इसके लिए प्रखंड स्तर पर अधिकारियों एवं पंचायत जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करने की बात कही। सांसद गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में दरभंगा व मिथिला सहित सम्पूर्ण देश का सर्वांगीण विकास हो रहा है, जिससे 130 करोड़ देशवासी लाभान्वित हो रहे है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति को मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया है।
सांसद ने कहा मिथिला के केंद्र दरभंगा को एम्स, एयरपोर्ट, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, आरओबी, रेलवे दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण, आईटी पार्क आदि की सौगात मिथिलावासियों को मिला हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व गुरु बनेगा और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने में आत्मनिर्भर मिथिला सहायक सिद्ध होगा। इस बैठक में सांसद के साथ ग्रामीण कार्य विभाग, दरभंगा के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता दरभंगा-1, कार्यपालक अभियंता-2, कार्यपालक अभियंता बेनीपुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहें।
December 06, 2020

06.12.2020 (पटना) : बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के पुण्य तिथि पर पटना हाई कोर्ट के पश्चिम स्थित प्रतिमा स्थल पर राजकीय समारोह के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर डीएम कुमार रवि द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। मौके पर उपस्थित अधिकारियों एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों के द्वारा भी बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा निवेदित की गई।
December 06, 2020

05.12.2020 (दरभंगा) : स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के निर्देश के आलोक में कोविड-19 टीकाकरण की अग्रिम तैयारी हेतु जिलाधिकारी-सह-अध्यक्ष कोविड-19 टीकाकरण जिला टास्क फोर्स डॉ. त्यागराजन एस.एम की अध्यक्षता में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (राज कैंपस) में जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, दरभंगा डॉ. अमरेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि कोविड-19 टीकाकरण हेतु जिला टास्क फोर्स में लगभग सभी सरकारी विभागों को शामिल किया गया है।
इसी प्रकार प्रखंड स्तर पर भी प्रखंड स्तरीय टास्क फोर्स का गठन प्रखंड विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में किया जाना है, जिसके संयोजक प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण कई चरणों में किया जाएगा इसके लिए लाभार्थियों की सूची का संकलन कर Covid-19 Vaccination Beneficiary Management System (CVBMS) पोर्टल पर अपलोड किया जाना हैं। प्रथम चरण में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी कर्मियों का टीकाकरण किया जाएगा। जिनमें आशा, ए.एन.एम, आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी कर्मी (आउटसोर्सिंग से जुड़े व्यक्ति भी शामिल हैं), इसके अतिरिक्त जितने भी निजी क्लीनिक, ग्रामीण चिकित्सक है, उनका भी टीकाकरण किया जाएगा। जिला प्रबंधक जिला स्वास्थ्य समिति विशाल कुमार ने बताया कि दरभंगा जिला में स्वास्थ्य सेवा से जुड़े चिकित्सकों एवं कर्मियों की संख्या निजी क्लीनिक को समाहित कर लगभग 20000 होंगे। दूसरे चरण में गैर स्वास्थ्य कर्मी का टीकाकरण होगा और तीसरे चरण में बुजुर्गों का टीकाकरण होगा। इसके उपरांत सामान्य लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (राज कैंपस) क्षेत्रीय टीका भंडारण केंद्र है। यहां दो WIC (Walk-in- Cool) है।
जिनमें एक बड़ा डब्लू.आई.सी है, जिसकी टिका भंडारण क्षमता 46 लाख डोज तथा दूसरी छोटी डब्लू.आई.सी की क्षमता 38 लाख डोज रखने की हैं। WIC में cold chain 02 डिग्री से 08 डिग्री सेंटीग्रेड रहता है। इसके अतिरिक्त जिले में 37 आई.एल.आर (आइस लाइन रेफ्रिजरेटर) हैं जिसमें प्रत्येक की टीका भंडारण क्षमता 25 हजार डोज है। इसमें कई जगह छोटा आई. एल.आर. भी है, जिसकी क्षमता 12 हजार से 16 हजार डोज है, जो सभी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रेफरल अस्पताल में उपलब्ध है। इस प्रकार जिले में 80 लाख 20 हजार डोज टीका भंडारण की क्षमता उपलब्ध है। क्षेत्रीय टीका भंडार, केंद्र होने के कारण यहाँ से मधुबनी एवं समस्तीपुर जिला में भी टीका की आपूर्त्ति की जाती है। प्राप्त निर्देश के अनुसार 40 लाख डोज का एक अतिरिक्त डब्लू.आई.सी. का इंस्टॉलेशन किया जाना है। जिसका कोल्ड चैन -15 से -25 सी. का होगा। इसके लिए इसी परिसर में 23 फीट x 08 फीट का स्थान चिन्हित करना है। सभी प्रखंड में भी अतिरिक्त आई.एल.आर के लिए 01 पॉइंट और जगह चिन्हित करना है।
उन्होंने कहा कि डी फ्रीजर में आइस पैक रखा जाता है। जिलाधिकारी ने कहा कि एक सेल बनाकर कर्मियों का डाटा संग्रहण किया जाए। प्रथम चरण के टीकाकरण के लिए कोई भी व्यक्ति, जो स्वास्थ्य कार्य से जुड़े हैं, छूटने न पाए। बैठक में बताया गया कि डी.एम.सी.एच के विद्यार्थियों को भी इसमें शामिल किया जाए, जिन्हें वैक्सीनेटर के रूप में उपयोग किया जाएगा। जिलाधिकारी के पूछने पर सिविल सर्जन डॉक्टर संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि जिले में 173 पंजीकृत क्लीनिक हैं। गैर पंजीकृत मिलाकर कुल 317 क्लीनिक हैं, जिनका डाटा संग्रहण किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रखंड स्तर पर भी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के नेतृत्व में इसकी बैठक करा ली जाए और डाटा संग्रहण कर लिया जाए। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि कोविड-19 टीका के साथ-साथ आने वाले सिरिंच के भंडारण के लिए भी 02 कमरों की आवश्यकता होगी।
जिलाधिकारी ने इसके लिए बगल में अवस्थित राजकीय महारानी रामेश्वरी भारतीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान का आयुर्वेदिक ओ.पी.डी का अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि तीन-चार महीनों के लिए शहरी पी.एच.सी का ओ.पी.डी इसी आयुर्वेदिक सेंटर में संचालित कराया जा सकता है और शहरी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र को पूर्णरूपेण क्षेत्रीय कोविड-19 टीका भंडारण केंद्र के रूप में उपयोग किया जाएगा। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने कहा कि टीकाकरण निर्वाचन कार्य की तरह किया जाना है, यथा सभी चुनावी बूथ पर टीकाकरण किया जाएगा। प्रत्येक टीकाकरण दल हेतु एक सुरक्षाकर्मी, लाभार्थियों के सत्यापन हेतु एक सत्यापन कर्ता, 100 व्यक्तियों के टीकाकरण हेतु एक टीका कर्मी, दो सहयोग कर्मी(उत्प्रेरक) टीका प्राप्त करने वाले लाभार्थियों के ठहराव हेतु प्रतीक्षा क्षेत्र की व्यवस्था इत्यादि।
जिलाधिकारी ने कोविड-19 टीकाकरण के लिए माइक्रो प्लानिंग कर लेने का निर्देश दिये। बैठक के उपरांत जिलाधिकारी ने डब्लू आई सी के लिए शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सभी कमरों का मुआयना किया। इसके अतिरिक्त वर्तमान में अवस्थित डब्लू आई सी का भी अवलोकन किया। उन्होंने डब्लू आई सी के सामने संचालित आई एल आर एवं डी फ्रीजर को भी देखा। उन्होंने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कमरों में सिरिंच रखने तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित ओपीडी के अस्थाई व्यवस्था के लिए बगल में अवस्थित आयुर्वेदिक केंद्र में प्रवेश कर सभी कमरों का मुआयना किया। इसके साथ ही सर्वे कार्यालय का भी मुआयना किया।
December 06, 2020

03.12.2020 (दरभंगा) : स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत के नेतृत्व में आज राज्य स्तरीय जाँच टीम द्वारा दरभंगा के विभिन्न प्रखंडों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, हेल्थ वैलनेस सेंटर, उप स्वास्थ्य केंद्र की जांच कर फीडबैक लिया गया और तदोपरांत समाहरणालय अवस्थित अंबेडकर सभागार में प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्षता में उसकी समीक्षा की गई। राज्य स्तर से स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, अपर सचिव कौशल किशोर, बी.एम.आई.एस.सी.एल के निदेशक सह निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, बिहार सरकार प्रदीप कुमार झा सहित कई उच्च अधिकारी एवं चिकित्सक शामिल थे। जिन्होंने क्रमशः हनुमाननगर, सिंहवाड़ा, कमतौल, जाले, बहेड़ी, देकुली, खाजासराय, अलीनगर अवस्थित पी.एच.सी, सी.एच.सी एवं स्वास्थ्य उप केंद्रों की जांच की।
जांच के दौरान जो कमियाँ पाई गई, उसे 15 दिनों के अंदर दुरुस्त करने के लिए जिला प्रोग्राम प्रबंधक, जिला स्वास्थ्य समिति एवं सिविल सर्जन, दरभंगा को निर्देशित किया गया। बैठक में सर्वप्रथम डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम के प्रयास से गर्भवती महिलाओं को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने एवं मातृत्व मृत्यु दर कम करने के लिए चलाए जा रहे क्रांतिकारी वंडर ऐप का भी पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन से प्रस्तुतीकरण किया गया। डीएम श्री त्यागराजन ने बताया कि इस एप में इस प्रकार की व्यवस्था की गई है कि जिले की जितनी भी गर्भवती महिलाएं हैं, उनका निरीक्षण एएनएम/आशा के द्वारा किया जाता है तथा उनके संदर्भ में एक रिपोर्ट कार्ड बनाई जाती है। जिसमें कौन सी परेशानी उनके साथ है यह अंकित किया जाता है और जब भी उन्हें कुछ परेशानी होती है या प्रसव पीड़ा होती है तो तुरंत डी.एम.सी.एच में रेफर किया जाता है और उनका ससमय सही इलाज किया जाता है।
जिससे दरभंगा जिला में मातृत्व मृत्यु दर में अत्यधिक कमी आई है। प्रधान सचिव के साथ-साथ राज्य स्तरीय टीम इस एप से काफी प्रभावित रही और प्रधान सचिव ने इसे पूरे राज्य में लागू करने का निर्णय लिया। सर्वप्रथम इसे प्रमंडलीय मुख्यालय जिला में लागू किया जाएगा। बैठक में डीएम द्वारा एयरपोर्ट के लिए एडवांस लेवल एंबुलेंस की आवश्यकता जताई जिसे प्रधान सचिव द्वारा तुरंत उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। बैठक में सचिव, स्वास्थ्य विभाग लोकेश सिंह ने सिविल सर्जन, दरभंगा को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी जगह लैब टेक्नीशियन उपलब्ध हैं, उन्हें राज्य स्वास्थ्य समिति के द्वारा उपलब्ध कराया गया है यह सुनिश्चित किया जाए कि पी.एच.सी में कम से कम एक लैब टेक्नीशियन जरूर हो और अधिकतम 03 भी हो सकते हैं, इसके लिए चाहे नियमित लैब टेक्नीशियन हो चाहे संविदा पर बहाल हो, उन्हें प्रतिनियुक्त किया जाए और सभी लैब टेक्नीशियन के साथ बैठक कर उन्हें उनके दायित्वों से अवगत करा दें कि उन्हें semi-auto और सी.बी.सी भी करना है। एक्स-रे के संबंध में बताया गया कि राज्य स्वास्थ्य समिति से निविदा निकाली गई है, जिसके लिए एजेंसी बहाल की जा रही है।
उन्होंने कहा कि हर जिले में चार -पांच एक्स-रे टेक्नीशियन पदस्थापित हैं, जहां एक्स-रे मशीन हैं, उन्हें उन स्थलों पर प्रतिनियुक्त किया जाए। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दंत चिकित्सक उपलब्ध हैं और उनके लिए डेंटल चेयर भी हाल ही में उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने सिविल सर्जन को सभी जगह डेंटल चेयर इंस्टॉल करवा लेने का निर्देश दिया। दवा वितरण के लिए फार्मासिस्ट प्रतिनियुक्त करने, यदि फार्मासिस्ट ना हो तो, ए.एन.एम को प्रशिक्षण देकर प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया गया। जहां साफ-सफाई की कमी पाई गई है वहां साफ सफाई की समीक्षा कर लेने तथा वहां इसकी मुकम्मल व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
बेनीपुर रेफरल हॉस्पिटल में सिजेरियन ऑपरेशन शुरू करने, पेडेस्ट्रियन डॉक्टर की व्यवस्था करने के साथ-साथ इसे पूरी तरह से क्रियाशील करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि दरभंगा में वंडर ऐप बहुत ही बढ़िया काम किया है, इसलिए दरभंगा से स्वास्थ्य सुविधा का फीडबैक लेने का अभियान प्रारंभ किया गया है और यहां बहुत ही अच्छी संभावना है। यहां के स्वास्थ्य सुविधा में बेहतर सुधार किया जा सकता है। बैठक के उपरांत संवाददाताओं को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तथा जहां भी कुछ कमियां हैं उस कमी को दूर करने के उद्देश्य से आज वैशाली समस्तीपुर एवं दरभंगा जिला के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का राज्य स्तरीय टीम द्वारा निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का उद्देश्य यह था कि स्वास्थ्य सेवा में कौन सी कमियां कहाँ कहाँ हैं और उनमें किस तरह से सुधार किया जा सकता है।
इसका फीडबैक आज लिया गया है। राज्य स्तर से भी कमियों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा तथा जिला स्तर से भी कमियों को पूरा करने के लिए सिविल सर्जन एवं डी.पी.एम को निर्देशित किया गया है। कहीं कहीं चिकित्सकों के रोस्टर की समस्या है, कई जगहों पर साफ-सफाई की समस्या पाई गई है, कई जगहों पर लैब टेक्नीशियन नहीं होने की जानकारी मिली है तथा उपलब्ध उपकरणों को चालू करने की आवश्यकता बताई गई है, इन सभी पर अगले 15 दिनों में कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में राज्य स्तर से आए चिकित्सक, डीएमसीएच के प्राचार्य एच एन झा, उप निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, सिविल सर्जन डॉक्टर संजीव कुमार सिन्हा, केयर की जिला प्रतिनिधि सुश्री श्रद्धा झा सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।