April 25, 2021

24.04.2021 (DarbhangaOnline Bureau) :- अपराधिकी अनुसंधान एवं विकास संगठन, भारत (CRDO INDIA) द्वारा Emotional Intelligence : Concepts & It's Development In The Contemporary Indian Police System (भावनात्मक बुद्धिमत्ता: इसकी अवधारणा और समकालीन भारतीय पुलिस प्रणाली में इसके विकास) विषय पर वेबिनार का आयोजन राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषभ श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित की गयी। इस वेबिनार का मुख्य उद्देश्य भारतीय पुलिस प्रणाली में भावनात्मक बुद्धिमत्ता को जागृत करना था।
उक्त वेबिनार में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के चर्चित आईपीएस मनोज कुमार ( सुपौल एसपी ) ने इस विषय पर विस्तार से अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया की समाज के लोगो में पुलिस के प्रति नकारात्मक छवि बनी हुई है। पुलिस का जीवन संघर्षो से भरा रहता है तथा उनके कंधे पर समाज से जुड़ी कई महत्पूर्ण जिम्मेदारी रहती है। कई बार पुलिस मानसिक तनाव में आकर कुछ ऐसा कर जाते है जिनसे उनकी छवि को काफी नुक्सान उठाना पड़ जाता है। श्री कुमार ने बताया की इमोशनल इंटेलिजेंस जैसे विषय को पुलिस प्रशिक्षण में शामिल कर भावनातक तथा संवेदनशील पुलिस कि स्थापना कि जा सकती है तथा समय-समय पर इस तरह के प्रशिक्षण दिए भी जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आज पुरे भारत में बिहार कि महिला पुलिस का प्रदर्शन पहले स्थान पर है। इनकी कुल संख्या बिहार में 22% है। गौरतलब है की आईपीएस मनोज कुमार ने भागलपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर आदि जगहों पर बतौर एसएसपी के रूप में कार्य किया है।
उक्त वेबिनार में सरदार पटेल पुलिस, सुरक्षा और आपराधिक न्याय विश्वविद्यालय, जोधपुर के मनोविज्ञान संकाय के अस्सिस्टेंट प्रोफेसर डॉ० अभिषेक शर्मा ने बताया कि हम कैसे पुलिस प्रणाली को इमोशनल इंटेलिजेंस के माध्यम से बेहतर तथा कई महत्पूर्ण बदलाव ला सकते है। उन्होंने आगे बताया कि जहाँ लोगो में पुलिस के प्रति नकारात्मक छवि बनी हुई है वहीँ आज लोगो में इस कोरोना जैसे महामारी के दौर में पुलिस के प्रति सकारात्मक विचार देखने को मिल रहे है। समाज को कोरोना जैसे महामारी से बचाने के लिए पुलिस द्वारा किये जा रहे प्रयासों को लोगो ने सराहा है उनकी प्रसंशा कि है। जिस तरह से पुलिस अपने जीवन को दाव पर लगाकर लोगो को सुरक्षा मुहैया करने में जुटी है जिसका कई लोगो ने जोरदार समर्थन भी किया है।
इस वेबिनार का संचालन (CRDO INDIA) के राष्ट्रीय सचिव यशवंत नारायण ने किया तथा आयोजन डॉ. के. एन. मोदी विश्वविद्यालय, राजस्थान के सहयोग से सम्पंन हुआ। वेबिनार में देश विदेश से 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा समापन (CRDO INDIA) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषभ श्रीवास्तव के उद्वोधन से किया गया। उक्त मौके पर संस्था के उप सचिव प्रतीक्षित तिवारी, बिहार प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार सिन्हा, तथा अन्य माननीय सदसयगण शामिल हुए।
April 25, 2021

24.04.2021 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ से कोरोना के लिए जारी ट्रीटमेन्ट प्रॉटोकॉल का अनुपालन करने को लेकर सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों के साथ ऑनलाईन बैठक की। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को अतिरिक्त एम्बुलेंस रख लेने के सख्त निर्देश दिये और कहा कि यदि कहीं से भी एम्बुलेंस की माँग की जाती है और कोरोना मरीज को ससमय एम्बुलेंस नहीं मिलता है, तो संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं बी.एच.एम. संयुक्त रूप से जिम्मेवार माने जाएगें और एम्बुलेंस न मिलने के कारण यदि किसी रोगी की मृत्यु होती है, तो आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा - 51 से 60 एवं आई.पी.सी. की धारा - 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रखण्ड स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं कोविड केयर सेन्टर चलाने की जवाबदेही प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की होगी। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी इसके लिए टीम का गठन कर लें। उन्होंने कहा कि ट्रीटमेन्ट प्रॉटोकॉल के अनुसार सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में दवा रहनी चाहिए। किसी भी मरीज का पैथोलॉजी जाँच अस्पातल में होगी, यदि बाहर करायी जाती है, तो अस्पताल के द्वारा करायी जाएगी और उसका भुगतान भी अस्पताल के द्वारा किया जाएगा।
प्रखण्ड स्तर पर क्वरंटाईन सेन्टर को दुरुस्त कर लिया जाए। कंटेनमेन्ट जोन में लगातार भ्रमण की जाए तथा वहाँ की सभी लोगों की टेस्टिंग करायी जाए। जो लोग होम आइसोलेशन में है, उनका सतत् निगरानी किया जाए। एम्बुलेंस में मास्क, ग्ल्बस्, पी.पी.ई. किट्स तथा ऑक्सीजन एवं 01 प्रशिक्षित व्यक्ति रहेंगा, जो आवश्यकता पड़ने पर मरीज को ऑक्सीजन दे सके। उन्होंने सिविल सर्जन को माननीय जनप्रतिनिधि की शिकायत के आलोक में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को बदलने के निर्देश दिये। बैठक में उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, सहायक समाहर्त्ता अभिषेक पलासिया, सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार सिन्हा, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, डी.पी.एम. हेल्थ विशाल कुमार व अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
April 25, 2021

24.04.2021 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने दरभंगा के जनप्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल मीटिंग कर कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के रोकथाम तथा कोरोना के मरीजों के लिए की गयी ईलाज की व्यवस्था एवं ट्रीटमेन्ट प्रॉटोकॉल के संबंध में जारी किये गये आदेश से अवगत कराते हुए बताया गया कि वर्तमान में दरभंगा जिले में ऑक्सीजन गैस के 03 आपूर्तिकर्ता एजेंसी कार्यरत हैं तथा दरभंगा जिला में डी.एम.सी.एच. एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों को निरंतर ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति हो रही है। सरकार के द्वारा कोरोना मरीजों के लिए ट्रीटमेन्ट प्रॉटोकॉल निर्धारित किया गया है। डी.एम.सी.एच. तथा सभी प्रखण्डों में आवश्यक दवा उपलब्ध करायी जा रही है। ईलाजरत मरीजों को बाहर से दवा नहीं लेनी है। सरकार ने निर्देश दिया है कि ईलाजरत मरीजों का पैथोलोजी जाँच, एक्स-रे, सिटीस्कैन की व्यवस्था हॉस्पिटल करेगा। यदि जाँच बहार से करानी है, तो हॉस्पिटल ही कराएगा, भुगतान भी हॉस्पिटल ही करेगा, यह व्यवस्था 24 अप्रैल से प्रारंभ हो गयी। जिले में प्रतिदिन 2500 से 3000 तक कोविड टेस्ट कराया जा रहा है। आर.टी.पी.सी.आर. जाँच के लिए जिले का कोटा 1200 निर्धारित है।
निर्देशानुसार 70 प्रतिशत् आर.टी.पी.सी.आर. एवं 30 प्रतिशत् एन्टीजन टेस्ट कराना है, लेकिन दरभंगा में निर्धारित लक्ष्य से अधिक जाँच करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि दरभंगा का कोविड पॉजिटिभिटी रेट 2.23 प्रतिशत् है, जो पिछले माह 1 प्रतिशत् था, लेकिन अभी भी अन्य जिलों की तुलना में यह दर कम है। उन्होंने कहा कि मास्क के प्रयोग के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। नाइट कर्फ्यू को लागू कराया जा रहा है। शादी-विवाह एवं श्राद्ध के लिए निर्धारित अधिकतम संख्या का अनुपालन विवाह भवन एवं मैरेज हॉल के द्वारा करवाया जा रहा है। शहरी क्षेत्र एवं प्रखण्ड मुख्यालय क्षेत्र में गैर आवश्यक वस्तुओं की दुकानें सप्ताह में तीन दिन बन्द कराया गया है। निजी हॉस्पिटल में दण्डाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है। दवा स्टॉकिस्ट् के साथ बैठक की गयी है। सहायक औषधि नियंत्रण को दवा की दुकानों की निगरानी करते रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि कहीं भी दवा की कीमत अधिक न ली जा सके। लोगों में जागरूकता लाने के लिए व्यापक पैमाने पर प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है। नगर निगम क्षेत्र में कचरा उठाव करने वाली गाड़ी से, थाना की पेट्रोलिंग गाड़ी से प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है। गाँव में भी प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है। 01 मई से 18 वर्ष से ऊपर के सभी का टीकाकरण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में 200 बेड, जिसमें 100 ऑक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध हैं। डी.एम.सी.एच. में 110 बेड तथा आई.सी.यू. में 07 बेड उपलब्ध हैं।
आई.सी.यू. में 25 बेड बढ़ाया जा रहा है। बिरौल, बेनीपुर और जाले ए.एन.एम. कॉलेज में तथा 10 अन्य प्रखण्डों में कोविड केयर सेन्टर बनाया गया है। शहरी क्षेत्र में 16 प्रमुख निजी हॉस्पिटलों को चिन्ह्ति किया गया है। जिनमें कोरोना मरीजों का ईलाज चल रहा है। इन हॉस्पिटलों में कोरोना मरीजों के लिए 168 बेड उपलब्ध हैं। जिला प्रशासन द्वारा लोगों के बीच जागरूकता किया जा रहा है तथा कोरोना मरीजों की ईलाज की व्यवस्था की निगरानी की जा रही है, लेकिन मास्क का प्रयोग और सामाजिक दूरी इस संक्रमण के रोकथाम के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने कोरोना के संक्रमण के रोकथाम एवं व्यवस्था में सुधार के लिए सभी जनप्रतिनिधियों से सुझाव देने का अनुरोध किया। मंत्री, श्रम संसाधन विभाग, बिहार, जीवेश कुमार ने जिला प्रशासन द्वारा किये जा रहे कार्य की प्रशंसा की और कहा कि चूँकि डी.एम.सी.एच. में 05 जिलों के मरीज आ रहे हैं, इसलिए बेड की संख्या बढ़ायी जानी चाहिए।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों के लिए नोडल पदाधिकारी प्रतिनियुक्त करने का सुझाव दिया तथा होम आइसोलेशन वालों के लिए भी ऑक्सीजन की व्यवस्था कराने का सुझाव दिया और कहा कि हॉस्पिटल में मरीजों को दिये जा रहे भोजन की गुणवत्ता बढ़ायी जानी चाहिए। उसमें विटामिन, प्रोटीन, विटामिन - सी युक्त भोजन प्रदान किया जाना चाहिए। दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने गैर आवश्यक वस्तुओं की दुकानें बंद कराने को लेकर जिला प्रशासन का सराहनीय कदम बताया और कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा गरीब कल्याण योजना के तहत अगले 02 महीनों के लिए पुनः 05-05 किलोग्राम प्रति सदस्य अनाज उपलब्ध कराया जाएगा। केन्द्र सरकार द्वारा बिहार को 194 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है तथा 24,604 रेमडीसिविर की भी आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर से कोविड मरीजों की ईलाज के लिए चलन्त अस्पताल बनाया जाए। साथ ही जिला स्तर से सरकार के माध्यम से राज मैदान में रक्षा मंत्रालय एवं डी.आर.डी.ओ. के सहयोग से अस्थाई कोविड अस्पताल बनाने की माँग की जानी चाहिए। पंचायत स्तर पर बाहर से आये लोगों की कोरोना जाँच कराने के सुझाव उन्होंने दिया। समस्तीपुर के माननीय सांसद प्रिंस कुमार ने कहा की प्रोटेबुल एक्स-रे मशीन की व्यवस्था, विकेंड में लॉक डाउन लगाने एवं हेल्थ केयर वर्कर तथा फ्रंट लाईन वर्कर के लिए डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल बनाये जाने चाहिए।
बेनीपुर के विधायक विनय चौधरी, अलीनगर के विधायक मिश्री लाल यादव, केवटी के विधायक मुरारी मोहन झा, हायाघाट के विधायक रामचन्द्र प्रसाद, गौड़ाबौराम की माननीय विधायका श्रीमती स्वर्णा सिंह, विधान पार्षद अर्जुन सहनी ने अपने-अपने क्षेत्र की स्थिति से अवगत कराया तथा एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाने, पंचायत स्तर पर टीकाकरण की व्यवस्था करने, अस्पतालों में कोरोना मरीज के लिए पौष्टिक अहार की व्यवस्था कराने, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में कोरोना मरीज के ईलाज की व्यवस्था करने तथा लोगों में मास्क एवं सामाजिक दूरी के लिए जागरूकता लाने के सुझाव दिये। कई जनप्रतिनिधियों ने अस्पतालों की कुछ कमियाँ भी बतायी। जिस पर डीएम श्री त्यागराजन ने कहा कि बहादुरपुर की घटना के लिए सिविल सर्जन को जाँच का आदेश दिया गया है। जो भी दोषी पाये जाएगें, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। तत्काल बहादुरपुर के बी.एच.एम. को हटाकर किरतपुर भेज दिया गया है। टीकाकरण की व्यवस्था पंचायत स्तर पर करायी जा रही है तथा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को अतिरिक्त एम्बुलेंस रखने के आदेश दिये गये है।
April 25, 2021

24.04.2021 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में कोरोना (कोविड-19) के बढ़ते संक्रमण के रोकथाम एवं व्यवस्थित ईलाज के लिए सरकार द्वारा जारी कोविड-19 ट्रीटमेन्ट प्रॉटोकॉल का अनुपालन कराने को लेकर सिविल सर्जन, दरभंगा, सभी अनुमण्डल पदाधिकारी, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, सहायक औषधि नियंत्रक एवं औषधि निरीक्षकों के साथ बैठक आयोजित की गयी। बैठक में कोविड-19 ट्रीटमेन्ट प्रॉटोकॉल में कोविड-19 के माईल्ड मामले में होम आइसोलेशन के लिए तथा मॉडरेट एवं सिभियर मामलें में आवश्यक दवाओं की सूची जारी की गयी है।
उन दवाओं की उपलब्धता में कोई कमी नहीं हो इस पर निगरानी एवं अनुश्रवण करने का निर्देश सहायक औषधि नियंत्रक,दरभंगा को दिया गया। कोविड-19 ट्रीटमेन्ट प्रॉटोकॉल में बताया गया है कि जब SPO2-94 प्रतिशत से कम रहेगा, तो उसे माईल्ड केस 90 से 94 प्रतिशत के बीच रहेंगा, तो उसे मॉडरेट केस और जब SPO2-90 प्रतिशत से कम हो जाएगा, तो उसे सिभियर (गंभीर) केस (मामला) माना जाएगा। तीनों मामलें में अलग-अलग दवाओं की सूची जारी की गयी है।
जैसे होम आइसोलेशन के मामलें में 12 वर्ष से नीचे के बच्चे तथा गर्भवती एवं धात्रृ महिलाओं को छोड़कर वयस्क के लिए Paracetamol (500mg) - 20 टेबलेट, Doxycycline (100mg) - 10 टेबलेट, B-Complex including Vit.B12 - 10 टेबलेट, Vitamin C (500mg) - 20 टेबलेट एवं Zinc (50mg) - 10 टेबलेट तथा 12 वर्ष से नीचे के बच्चे तथा गर्भवती एवं धात्रृ महिलाओं के लिए Paracetamol (500mg) - 20 टेबलेट, Azithromycin (500mg) - 05 टेबलेट, B-Complex including Vit.B12 - 10 टेबलेट, Vitamin C (500mg) - 20 टेबलेट एवं Zinc (50mg) - 10 टेबलेट दिया जाना है। बैठक में डीएम ने कहा कि (कोविड- 19) कोरोना के मॉडरेट एवं सिभियर मामलें में अलग-अलग दवाएँ अधिसूचित की गयी है।
सिभियर मामलें में आवश्यक दवा - रेमडीसिविर का आवंटन डी.एम.सी.एच. एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों द्वारा स्वास्थ्य विभाग, बिहार के गूगल सीट पर माँग ईलाजरत मरीजों की संख्या के आधार पर स्वयं अस्पतालों द्वारा की जाएगी। मांग के अनुरूप प्रतिदिन राज्य स्तर से दवा उपलब्ध कराई जाएगी। सहायक औषधि नियंत्रक, दरभंगा को दरभंगा के अधिकृत स्टॉकिस्ट के माध्यम से प्रतिदिन इन दवाओं को संबंधित अस्पतालों को माँग के अनुरूप मँगवा कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा की मँगवाई गयी दवा अन्य जिले को नहीं दी जाएगी।
क्योंकि सभी जिलों के अस्पतालों द्वारा स्वयं आवश्यक दवा की माँग इलाजरत मरीजों के आधार पर किया जाना है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के लिए आवश्यक किसी भी दवा की किमत विक्रेता द्वारा एम.आर.पी. से अधिक नहीं ली जाए, इसपर जिले के सभी औषधि निरीक्षक निगरानी रखेंगे। साथ ही सभी अनुमण्डल पदाधिकारी एवं अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी भी नजर रखेंगे।
उन्होंने दरभंगा के सभी अनुमण्डल पदाधिकारी एवं अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी को आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिये और कहा कि कहीं भी किसी विक्रेता द्वारा ग्राहकों से अधिक किमत लेने की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। अगर कहीं ऐसा पाया जाता है तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं आईपीसी की सुसंगत धाराओं के तहत कारवाई की जाए। उन्होंने सभी अनुमण्डल पदाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्र के व्यवसायिक संघ के साथ बैठक कर इस तथ्य से अवगत करा देने के निर्देश दिये। बैठक में दवा व्यवसायिक संघ, दरभंगा के सचिव एवं उनके पदाधिकारीगण भी उपस्थित थे। डीएम ने उन्हें भी अपने व्यवसायियों को इन तथ्यों से अवगत करा देने के निर्देश दिये। बैठक में उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार सिन्हा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अजय कुमार, पुलिस उपाधीक्षक सदर अनोज कुमार, डी.पी.एम. (हेल्थ) विशाल कुमार व अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
April 25, 2021
23.04.2021 (दरभंगा) : दरभंगा जिला में कोरोना संक्रमितों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए कोरोना संक्रमितों का ईलाज सरकारी अस्पतालों के अतिरिक्त निजी अस्पताल में भी की जा रही है। उक्त के आलोक में डीएम डॉ. त्यागराजन एस. एम द्वारा डी.एम.सी.एच से संबद्ध निजी अस्पतालों का अनुश्रवण करने हेतु निम्नांकित दण्डाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
हेरिटेज हॉस्पीटल, दोनार, दरभंगा, प्रोपराईटर डॉ. नीरज प्रसाद, मोबाईल नं - 7004363676 एवं आर. बी. मेमोरियल, हॉस्पीटल, बेंता रोड, लहेरियासराय, दरभंगा, प्रोपराईटर डॉ. संजीव कुमार मोबाईल नं - 9431219396 हेतु श्री अभिनव भास्कर, जिला प्रबंधक राज्य खाद्य निगम, दरभंगा मोबाईल नं- 9934634907 को दंडाधिकारी बनाया गया है। वहीं आई.बी. स्मृति आरोग्य सदन, दिग्घी पश्चिम टोला, दरभंगा, प्रोपराईटर डॉ. एम. के. शुक्ला, मोबाईल नं - 7033133326, 9386441001 एवं सिटी हॉस्पिटल, साहसुपन, किलाघाट रोड, नाका नं - 5, दरभंगा, प्रोपराईटर डॉ. इन्ताखाब आलम, मोबाईल नं- 9608799459 हेतु मनोज कुमार, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, बेनीपुर मोबाईल नं - 9934434878 को बनाया गया है। जोगिन्दर मेमोरियल मेडिकल हॉस्पिटल, हॉस्पिटल रोड, दरभंगा, प्रोपराईटर डॉ. नीतीश कमल, मोबाईल नं - 9312847468 एवं श्री विशुधानन्द हॉस्पिटल प्रा. बेता नियर एम.के. कॉलेज, लहेरियासराय, दरभंगा, प्रोपराईटर डॉ. गौड़ी शंकर झा, मोबाईल नं - 9430898431 हेतु कंचन कुमारी झा, वरीय उप समाहर्ता, दरभंगा, मोबाईल नं - 7985853668 को बनाया गया है। प्रसाद पॉली क्लिनिक, बंगलागढ़, सदर दरभंगा, प्रोपराईटर डॉ. उत्शव राज, मोबाईल नं - 9560387796 एवं पारस ग्लोबल हॉस्पीटल, भी.आई. पी रोड, लहेरियासराय, दरभंगा, प्रोपराईटर संजीव कुमार, मोबाईल नं - 7070405405, 8406802513 हेतु नवीन कुमार जिला योजना पदाधिकारी, दरभंगा, मोबाईल नं - 9304120084 को बनाया गया है। श्यामा सर्जिकल संस्थान, आई.टी. चौक, जी.एम. रोड, दरभंगा, प्रोपराईटर डॉ. विजेन्द्र मिश्रा, मोबाईल नं - 9431219719 एवं श्यामा चिल्ड्रेन हॉस्पिटल, गुडू रेस्ट हाउस, अल्लपट्ट चौक, दरभंगा, प्रोपराईटर - डॉ. संजय कुमार, मोबाईल नं - 9931002496 हेतु पूर्णनेन्दु नाथ झा, परियोजना निदेशक, आत्मा, दरभंगा, मोबाईल नं - 8809988545 को बनाया गया है। प्राईम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, एन.एच - 57, न्यू बस स्टैंड, दिल्ली मोड़, दरभंगा, प्रोपराईटर डॉ. गौरव कुमार, मोबाईल नं - 9250247506 एवं स्वामी विवेकानन्द कैंसर अस्पताल, विवेकानन्द नगर, मब्बी, दरभंगा, प्रोपराईटर डॉ. अशोक कुमार सिंह, मोबाईल नं - 9334181287 हेतु मो. रिजवान अहमद, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, दरभंगा, मोबाईल नं - 8709854139 को बनाया गया है। एपेक्स सुपरस्पेशलीटी हॉस्पिटल, नियर रोज पब्लिक स्कूल, अल्लपट्टी, प्रोपराईटर डॉ. ज्योति कर्ण, मोबाईल नं - 8826074004 हेतु मदन प्रसाद, जिला कल्याण पदाधिकारी, दरभंगा, मोबाईल नं - 7352376780 को बनाया गया है।
उपरोक्त सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि संबंधित अस्पताल प्रबंधन से आवश्यक समन्वय स्थापित कर निम्नांकित बिन्दुओं का अनुपालन करना सुनिश्चित करेंगे। 01. वे अस्पतालों का नियमित रूप से भ्रमण करते रहेंगे। 02. अस्पतालों में कोविड -19 संक्रमितों के लिए कर्णाकित बेड, आई.सी.यू., भेन्टीलेटर, ऑक्सीजन प्रणाली एवं दवा की उपलब्धता की जाँच करेंगे। 03. कोविड -19 जाँच एवं इसके लिए ली जा रही शुल्क की राशि की जाँच करेंगे। 04. करोना संक्रमित व्यक्तियों के मौत के पश्चात् शवों को ले जाने संबंधी व्यवस्था। 05. अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था। 06. अस्पतालों में कोविड -19 से जुड़ी जरूरी प्रोटोकॉल के अनुपालन की स्थिति। 07. सरकार द्वारा तय दर से अधिक विपत्र अस्पतालों द्वारा दिये जाने पर अपने स्तर से अनुश्रवण करना सुनिश्चित करेंगे। 08. जिला स्वास्थ्य समिति, दरभंगा द्वारा निजी अस्पतालों को उपलब्ध कराये गये पोर्टल covid19health.bihar.gov.in पर नियमित रूप से धनात्मक मरीजों के अपडेट करने के संबंध में निजी अस्पताल को अवगत कराना एवं जिला स्वास्थ्य समिति को सूचित करेंगे।