May 30, 2021

30.05.2021 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस. एम के आदेश के आलोक में दरभंगा नगर निगम द्वारा डीएमसीएच के कोरोना वार्ड तक जाने के लिए ज़िला स्कूल से कोरोना वार्ड तक एक नई एवं ऊँची सड़क का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। इस सड़क के बन जाने से जिला स्कूल अवस्थित डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर और कोरोना वार्ड की दूरी घट जाएगी तथा वहाँ के चिकित्सक, नर्स, पारा मेडिकल स्टाफ के साथ साथ मरीज व उनके परिजनों को भी कोरोना वार्ड तक के आवगमन की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। यह सड़क ख़ासकर वर्षा के दिनों में कोरोना वार्ड सहित डीएमसीएच जाने के लिए बेहद सुविधा जनक होगी।
May 26, 2021

26.05.2021 (दरभंगा) : आज सहकारिता विभाग के सचिव श्रीमती वंदना प्रेयसी, संयुक्त सचिव-सह- प्रबंध निर्देशक, बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन लिमिटेड आनंद शर्मा ने उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया की उपस्थिति में दरभंगा में हर थाली में बिहारी तरकारी का ऑनलाइन शुभारंभ किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य सरकार की योजना यथा - बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना अंतर्गत सहकारिता विभाग के निर्देशन में गठित वेज फेड के नेतृत्व मे मिथिला सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी संघ लिमिटेड अपने कार्य क्षेत्र दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा एवं मधेपुरा में से प्रथम चरण में दरभंगा शहरी क्षेत्र में सब्जियों की ऑनलाइन बिक्री 26 मई से प्रारंभ कर रहा है। इसके माध्यम से किसान के खेत से हरी व ताजी सब्जियाँ शहरी क्षेत्र के हर ग्राहक को उपलबध होगी।
दरभंगा शहर के निवासी www.tarkaarimart.in पर जाकर अपनी जरूरत के हिसाब से ताजी सब्जियों की बुकिंग कर सकते हैं। बुकिंग की गई सब्जी 24 घंटों के अंदर उनके घर पर पहुँचने की व्यवस्था मिथिला सब्जी संघ द्वारा की जाएगी। 250 या उससे अधिक मूल्य की सब्जी की होम डेलेवरी फ्री होगी एवं उस से कम मूल्य की सब्जी होने पर ग्राहकों को 30 रुपए सुविधा शुल्क देने होंगे। इस अवसर पर जिला सहकारिता पदाधिकारी-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी मिथिला सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी संघ लिमिटेड डॉ. अमजद हयात वर्क, मिथिला सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष माधवेन्द्र ठाकुर एवं उपाध्यक्ष मोहम्मद रियाजददी अशरफ के साथ-साथ तिरहुत सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष अमित शुक्ला तथा दरभंगा एवं मधुबनी के विभिन्न PVCS के गणमान्य अध्यक्षों ने भाग लिया। मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी एव अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि सहकारिता विभाग द्वारा संचालित सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना निश्चित ही मिथिला क्षेत्र के सब्जी उत्पादों के लिए भविष्य में नया आयाम स्थापित करेगा। साथ ही मिथिलवासियों को ताजी हरी सब्जियाँ घर तक उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेग। हरी
सब्जी ऑर्डर की प्रक्रिया
01. www.tarkaarimart.in के पोर्टल में प्रवेश करें।
02. इसमें जिला का चयन करें।
03. अपना पिन कोड चयन करे और "Go" पर क्लिक करें।
04. सब्जी की सूची इसके दर के साथ खुलेगी।
05. अपनी पसंद के अनुसार सब्जी और उसकी मात्रा का चयन करे तथा उसे add to cart पर क्लिक करते जाए।
06. ऊपर दांये तरफ बने बास्केट पर क्लिक करें।
07. तब ऑर्डर पर क्लिक करें।
08. एक पेज ओपन होगा, जिसमे अपना पता दर्ज करें तथा भुगतान मे COD का चयन करें। 09. सबमिट करें।
ऑर्डर के 24 घंटे के अंदर सब्जी आपके घर पर पहुँच जाएगी
May 26, 2021

26.05.2021 (दरभंगा) : बिहार के सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में (चमकी बुखार) एईएस/जेई की तैयारी की समीक्षा को लेकर संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव एवं 18 जिले के जिलाधिकारी के साथ ऑनलाइन बैठक की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने बताया कि मुजफ्फरपुर के आसपास के 09 जिले (एईएस) चमकी बुखार से तथा मगध प्रमंडल के 04 जिले गया, जहानाबाद, नवादा और औरंगाबाद के साथ नालंदा जिला जेईएस से प्रभावित रहता है। वर्ष 2019 में मुजफ्फरपुर में एईएस के सर्वाधिक मामले प्राप्त हुए थे। जिनमें कांटी प्रखंड में सर्वाधिक 96 मामले पाए गए थे। वर्तमान वर्ष में एईएस के बहुत कम कुल 21 मामले 24 मई तक आए हैं। जिनमें मुजफ्फरपुर के 6, सीतामढ़ी के पांच, बेगूसराय, पूर्वी चंपारण और पटना में दो-दो मामले, शिवहर, मधेपुरा, नालंदा और वैशाली में 01-01 मामले प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि एईएस के लिए विभाग द्वारा सभी संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सदर अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज के लिए एसओपी बनाया गया है जिसका अनुश्रवण कराया जा रहा है।
अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेवल पर भी एईएस का इलाज प्रोटोकॉल के अनुसार किया जा रहा है। इसके लिए सभी संबंधित जिले के चिकित्सकों, एएनएम, आशा और चिकित्सीय तकनीशियन को प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही सभी जगह एईएस के लिए दवा की किट्स उपलब्ध कराया गया है। ए ई एस का मुख्य केंद्र बिंदु मुजफ्फरपुर जिले के एसकेएमसीएच में एईएस के इलाज के लिए पीकू(PICU) में 100 बेड, एइसेफलाईटिस वार्ड में 60 बेड, एमसीएच में 100 बेड और सदर अस्पताल में 100 बेड तैयार रखा गया है। इसके अतिरिक्त सभी संबंधित जिला अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 05 -05 बेड तैयार रखा गया है। तथा संबंधित 14 जिलों में पिकू में 10-10 बेड तैयार रखा गया है। अभी तक 12 जिलों के 350 चिकित्सकों को वर्चुअल ट्रेनिंग दी गई है।
पीकू वार्ड के 39 डॉक्टर, 47 नर्स को दिल्ली, पटना एम्स द्वारा प्रशिक्षण दिया गया है। 846 इमरजेंसी तकनीशियन को ट्रेनिंग दी गई है। 03 माइक्रोबायोलॉजिस्ट और 04 लैब तकनीशियन (NIMHANS) निमहंस, बैंगलोर के प्रशिक्षण में भाग ले चुके हैं तथा सात शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक भी निमहंस, बैंगलोर से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त 445 एमबीबीएस डॉक्टर, 749 आयुष डॉक्टर एवं 604 पारा मेडिकल स्टाफ को मास्टर ट्रेनर के रूप में चिन्हित किया गया है। जिन्हें आकस्मिक प्रतिनियुक्ति के लिए चिन्हित किया गया है। संबंधित जिलों में 24 घंटे डॉक्टर का रोस्टर बनाकर प्रतिनियुक्त किया गया है। एईएस प्रभावित बच्चों को चिकित्सा केंद्र तक लाने के लिए निजी वाहनों के लिए भी राशि उपलब्ध कराई जा रही है। जिनमें 20 किलोमीटर तक के लिए 400 रुपये, 40 किलोमीटर तक के लिए 600 रुपये, 60 किलोमीटर तक के लिए 800 रुपये एवं अधिकतम 1000 रुपये उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कम से कम एक एंबुलेंस ए ई एस के लिए रखा गया है जो 102 नंबर पर कार्यरत है। संबंधित 12 जिलों में कुल 498 एंबुलेंस रखा गया है।
उन्होंने कहा कि बिहार के 35 जिले में जेई का टीकाकरण दिया गया है। वर्ष 2019 में एईएस के सर्वाधिक 135 मामले पाए गए थे। वर्ष 2021 में अभी तक एक भी मामले नहीं आए हैं। इसके बाद सभी संबंधित जिले जिनमें मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, दरभंगा, समस्तीपुर, शिवहर, वैशाली, सीतामढ़ी, सारण, गोपालगंज, सिवान, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, नवादा और नालंदा जिले के जिलाधिकारी ने अपने-अपने तैयारी से सीएम को अवगत कराया। सीएम ने वर्ष 2019 में ए ई एस से सर्वाधिक प्रभावित प्रखंड मुजफ्फरपुर के कांटी भ्रमण के दौरान पाए गए तथ्यों के आलोक में सामाजिक, आर्थिक जनगणना कराने एवं उसके आलोक में जिनके पास घर नहीं है उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री ग्राम आवास योजना अंतर्गत मकान बनवाने के निर्देश दिए थे।
उन्होंने कहा कि वैसे परिवारों को घर, राशन कार्ड, नल-जल की सुविधा, उनके बच्चों को आंगनबाड़ी एवं विद्यालय की सुविधा तथा उनके जीविका के लिए सतत जीविकोपार्जन योजना का लाभ पहुंचाना अति आवश्यक है। क्योंकि भ्रमण के दौरान पाया गया था कि जिन परिवारों के पास घर नहीं है वे अपने बच्चों की देखभाल ठीक से नहीं कर पाते हैं। साथ ही अधिक गर्मी पड़ने पर घर के अभाव में बच्चे ए ई एस के चपेट में आ जाते हैं। डीएम मुजफ्फरपुर ने बताया कि वर्ष 2019 में सर्वाधिक प्रभावित पांच प्रखंड में सामाजिक, आर्थिक जनगणना के आधार पर सभी परिवारों का घर बनवा दिया गया है। बैठक में दरभंगा डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम ने बताया कि ए ई एस से बचाव के लिए दरभंगा में जीविका द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया है।
जिनमें 04 लाख 42 हजार महिलाओं ने भाग लिया। जीविका अपने 162 पीकू प्रोजेक्टर के माध्यम से भी व्यापक प्रचार-प्रसार कर रही है। साथ ही 50 हजार लीफलेटस का वितरण करवाया गया है। ए ई एस के लिए डीएमसीएच में 10 बेड एवं जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक-एक बेड तैयार रखा गया है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना से 289 गाड़ियों को पंचायतवार टैग किया गया है। एस ओ पी के अनुसार सभी तैयारियां की गई है दरभंगा में कालाजार के 08 मामले प्रतिवेदित है। बैठक में समाज कल्याण विभाग, के अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद ने बताया कि एईएस प्रभावित प्रखंडों में 321 नए आंगनबाड़ी केंद्र खुलवाए गए हैं। 10 जिलों में 3204 नए आंगनवाड़ी केंद्र खुलवाए गए हैं तथा प्रभावित प्रखंडों में हाई एनर्जी डेंसिटी फूड देने की तैयारी की जा रही है।
May 26, 2021

26.05.2021 (दरभंगा) : आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत द्वारा पत्र निर्गत हुए कहा गया है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग एवं गृह मंत्रालय (आपदा प्रबंधन प्रभाग), भारत सरकार द्वारा यह सूचना दी गई है कि बंगाल की खाड़ी में दिनांक 24 मई को यास नामक चक्रवात की उत्पत्ति हो गई है, जिसके प्रभाव से 27 से 30 मई तक मध्य बिहार के कई जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवा, वज्रपात, भारी से अत्यंत भारी वर्षापात आदि घटित होने की संभावना है। उक्त चक्रवात से पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने, निचले इलाकों में जल-जमाव होने, गृहक्षति, फसल क्षति, मोबाइल टावर आदि के नुकसान होने की संभावना हो सकती है। उक्त के आलोक में डीएम डॉ. त्यागराजन एस. एम के द्वारा दरभंगा जिला के सभी अंचलाधिकारियों, सभी अनुमंडल पदाधिकारी को स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही इससे संबंधित आसूचना के आदान-प्रदान हेतु जिला स्तर पर जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है जिसका दूरभाष संख्या 06272- 245055 है। इसके अतिरिक्त ऑक्सीजन प्लांट के लिए एक एवं डी.एम.सी.एच के लिए दो पूर्ण क्षमता वाला जनरेटर विकल्प के रूप में रखा गया है। साथ ही सभी निजी अस्पतालों को विद्युत आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था (जनरेटर) करने के निर्देश दिया गया।
May 26, 2021

26.05.2021 (दरभंगा) : समाहरणालय परिसर से 28 वाहनों पर बने टीकाकरण एक्सप्रेस को डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम ने हरी झंडी दिखाकर विभिन्न प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में 45 वर्ष से अधिक उम्र वालों का ऑन द स्पॉट टीकाकरण के लिए रवाना किया। इन सभी वाहनों में कोरोना का टीका एवं आवश्यक सामग्रियों के साथ टीकाकरण दल मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर डीएम श्री त्यागराजन ने संवाददाताओं को कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं अन्य टीकाकरण केंद्रों पर जाने में परेशानी होती थी। इसे देखते हुए उनके गांव में ही टीम भेजकर टीकाकरण करने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ संजीव कुमार सिन्हा, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार मिश्र, डीपीएम विशाल कुमार, यूनिसेफ के शशिकांत सिंह एवं ओंकार चंद्र, यूएनडीपी के पंकज कुमार केयर की जिला समन्वयक डॉ. श्रद्धा झा उपस्थित थे।